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पलवल: भैंस चोर का कातिल कौन? सिर्फ पुलिस नहीं जानती बाकि पूरा गांव जानता है

पुलिस सूचना मिलने के दो घंटे के बाद घटनास्थल पर आई. तब तक शख्स की मौत हो चुकी है. आसपास में कहीं भी खून के निशान नहीं थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि इंटेस्टाइन में ब्लीडिंग, शॉक और ब्रेन हेमरेज के चलते मौत हो गई.

Updated On: Aug 12, 2018 03:35 PM IST

FP Staff

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पलवल: भैंस चोर का कातिल कौन? सिर्फ पुलिस नहीं जानती बाकि पूरा गांव जानता है

हरियाणा में पलवल के बहरोला गांव में बीते 10 दिन से एक कथित हत्या का रहस्य छुपाया जा रहा है. गांव में रहने वाला कोई भी व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं है कि खेतों के किनारे चारों ओर पेड़ से घिरे झोपड़ी में रहने वाला 12 लोगों का परिवार किसी की हत्या भी कर सकता है. घटनास्थल पर पुलिस जब पहुंची तो वहां उन्हें पेड़ से बंधी एक लाश मिली.

शुरुआती जांच और मीडिया रिपोर्ट्स ने इस घटना को मॉब लिंचिंग बताया है. हालांकि मामले की जांच में शामिल लोग इस बात की तस्दीक नहीं कर रहे हैं. NEWS18 घटना की पड़ताल के लिए इस गांव में पहुंचा.

गांव के लोगों ने बताया कि दो अगस्त को तड़के करीब 3 बजे दस लोगों की भीड़ ने गांव के आखिरी घर से एक भैंस को मच्छरदानी में बांध कर चुराने की कोशिश की. हलचल की आवाज़ से घर के अंदर मौजूद लोग जाग गए. जिसकी वजह से 9 लोग तो मौके से फरार हो गए पर 1 शख्स पकड़ा गया और उसकी जमकर पिटाई हुई. सबसे पहले बीर सिंह और राम किशन घर से बाहर निकले थे. राम किशन ने बताया कि आरोपी को पीटे जाने के बाद भैंसों को पास के ही एक पेड़ से बांध दिया गया. शोर-शराबे के चलते गांव के दूसरे लोग भी वहां पहुंच गए.

गांव वाले आरोपी को बचाने की भरपूर कोशिश कर रहे

एक गांव के निवासी ने कहा, 'आरोपी जिंदा तो था, पर उसकी हालत ठीक नहीं थी. उसे बहुत मारा गया था, लेकिन इससे उसकी मौत नहीं हो सकती. हम पक्के तौर पर यह कह सकते हैं कि उसने कोई नशा किया हुआ था. भागने की कोशिश में किसी चीज से उसने ठोकर खाई होगी.' गांव वाले संदिग्ध परिवार को बचाने की भरसक कोशिश कर रहे.

रामकिशन की पत्नी का कहना है कि उस शख्स ने पानी मांगा. हमने सोचा कि अगर वह चोर भी है तो उसे प्यासा नहीं रखना चाहिए. पुलिस आएगी और उसे सज़ा देगी. उनका दावा है कि चोर ने पानी पीने के बाद आखिरी सांस ली.

गांव के ही किसी शख्स ने पुलिस को फोन किया था. पुलिस सूचना मिलने के दो घंटे के बाद घटनास्थल पर आई. तब तक शख्स की मौत हो चुकी है. आसपास में कहीं भी खून के निशान नहीं थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि इंटेस्टाइन में ब्लीडिंग, शॉक और ब्रेन हेमरेज के चलते मौत हो गई. एसएचओ सदर पुलिस स्टेशन देवेंद्र सिंह ने कहा कि 'यह धार्मिक रूप से प्रेरित हत्या नहीं है.'

palwal

गांव के ही एक अन्य निवासी कहते हैं, 'भैंसों की चोरी इन दिनों आम बात हो गई है. जानवर चोरी करने वाले लोग निकर पहने हुए पूरी तरह से तेल में सने होते हैं. जैसे ही फसलें बड़ी होती हैं ये सक्रिय हो जाते हैं. हर भैंस की कीमत लाखों में होती है. अगर आपकी भैंस चोरी हो जाए तो यह बहुत ही सदमा लगने वाली बात होती है.'

उसी घर में रहने वाली संतरा देवी ने बताया, 'एक महीने के भीतर गांव में 3 चोरियां हो चुकी हैं. अगर पुलिस कुछ नहीं करेगी तो आप गांव वालों से क्या उम्मीद करते हैं. अगर कोई आपके घर में चोरी करने आएगा तो क्या आप जवाब नहीं देंगे.'

पास के गांवों में चोरी की शिकायतें

गांव वालों ने यह दावा भी किया पास के गांवों में भी चोरी होती है. जानवरों की चोरी करने वालों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है.

हरियाणा पुलिस ने कथित चोर का 3 दिन पहले अंतिम संस्कार कर दिया. पलवल पुलिस के एसपी वसीम अकरम ने कहा कि भिंड और कन्नौज से लोग आरोपी की शिनाख्त करने आए थे लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला. आस पास के थानों को भी सूचना दी गई और पुलिस नेटवर्क पर फोटो भी अपलोड की गई थी. लेकिन फिर भी आरोपी की पहचान स्थापित नहीं हो सकी. अकरम ने कहा- 'हमने शव का अंतिम संस्कार करने से पहले 1 हफ्ते तक इंतजार किया.'

वहीं दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद से बीर सिंह और उसका बड़ा भाई फरार हैं, जबकि रामकिशन पुलिस की गिरफ्त में है. हालांकि, पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि इन्हीं तीन भाइयों ने गांव के दूसरे लोगों के साथ मिलकर उस शख्स को मार डाला या फिर खुद से लगी चोट के कारण उसकी मौत हुई है.

(न्यूज 18 के लिए ये खबर रौनक कुमार गुंजन ने की है)

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