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कुलभूषण जाधव को मौत की सजा है 'प्रीप्लांड मर्डर'

पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी को जासूसी के लिए दोषी ठहराकर मौत की सजा सुनाई है

Updated On: Apr 10, 2017 09:54 PM IST

Manish Kumar Manish Kumar

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कुलभूषण जाधव को मौत की सजा है 'प्रीप्लांड मर्डर'

पूर्व भारतीय नौसैनिक कुलभूषण सुधीर जाधव उर्फ हुसैन मुबारक पटेल को पाकिस्तान ने मौत की सजा सुनाई है. फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (एफजीसीएम) ने कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान में जासूसी करने का दोषी ठहराकर ये सजा सुनाई है.

पिछले साल 3 मार्च को कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी आर्मी कोर्ट द्वारा सुनाए कुलभूषण की डेथ वारंट पर मुहर लगा दी है.

भारत ने पाकिस्तान के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. विदेश सचिव ने दिल्ली में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित को तलब कर पाकिस्तान के लगाए आरोपों को झूठा करार देते हुए इस फैसले पर विरोध जताया है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि, पाकिस्तान स्थित भारत के हाई कमिशन को कुलभूषण पर मुकदमा शुरु करने की जानकारी तक नहीं दी गई.

बलूचिस्तान में हुए थे गिरफ्तार 49 साल के कुलभूषण जाधव के खिलाफ आतंकवाद और तबाही का आरोप लगाया गया था. बलूचिस्तान प्रांत की सरकार द्वारा दर्ज एफआईआर में उन पर ये आरोप लगाए गए थे. जाधव को ईरान से पहुंचने के बाद बलूचिस्तान में कथित तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया था. पाकिस्तान ने जाधव पर देश में हमले और तबाही की साजिश रचने का आरोप लगाया है. क्‍वेटा के आतंकवाद निरोधक विभाग ने जाधव के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जाधव को रिसर्च ऐंड अनैलेसिस विंग (रॉ) का एजेंट होने के आरोप में बलूचिस्तान के चमन इलाके से गिरफ्तार किया था. चमन पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है. पाकिस्तान की आर्मी ने जाधव का कबूलनामा जारी किया था जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि, जाधव इंडियन नेवी के अफसर हैं. भारत ने माना था कि मुंबई के रहने वाले कुलभूषण जाधव एक रिटायर्ड नौसेना अधिकारी हैं, लेकिन उसने इन आरोपों का खंडन किया है कि वह सरकार से किसी भी तरह से जुड़े हुए थे. भारत सरकार ने पाकिस्तान के लगाए जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया था. पाकिस्तान का दावा

पाकिस्तान ने दावा किया था कि कुलभूषण जाधव ने माना था कि वह रॉ के लिए काम करते हैं और बलूचिस्तान में तैनात था. उनके अनुसार जाधव भारतीय नौसेना के सर्विंग अफसर हैं, जिसे सीधे तौर पर रॉ चीफ हैंडल करते हैं. पाकिस्तान का दावा था कि कुलभूषण जाधव साल 2022 में रिटायर होगा.

भारत ने आरोप खारिज किए 

भारत ने पाकिस्तान द्वारा किए गए दावे को खारिज कर दिया था. भारत ने कहा था कि वीडियो में जाधव जो कुछ कह रहे हैं, उनमें जरा भी सच्चाई नहीं है. वीडियो में जाधव का दिया गया बयान, दबाव में दिया गया बयान है. हालांकि भारत ने इस बात को कबूला था कि कुलभूषण सुधीर जाधव भारतीय नागरिक है और भारतीय नौसेना में काम कर चुका है.

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कुलभूषण जाधव पिछले साल मार्च महीने से पाकिस्तान की कैद में हैं

ईरान में करते थे व्यापार 

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जाधव कानूनी तौर पर ईरान में अपना बिजनेस करता था, उसे हिरासत में लेकर काफी परेशान किया गया. भारत ने जाधव को ईरान से अगवा किए जाने का भी शक जताया था.

कुलदीप का जारी हुआ था वीडियो

कुछ समय पहले कुलदीप जाधव की ओर से एक वीडियो जारी किया गया था. जिसमें जाधव ने कहा था कि वह वह दिसंबर 2001 तक भारतीय नौसेना का हिस्सा थे. उन्होंने संसद पर हमले के दौरान डोमेस्टिक इंटेलीजेंस भी जुटाई थी. जिसके बाद उन्होंने रॉ समेत भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए जानकारी भी जुटाई थी. 2013 में रॉ में शामिल

पाकिस्तान की ओर से जारी वीडियो में जाधव ने बताया था कि वह 2013 में रॉ में शामिल हुए थे. रॉ ने ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले बेस बनाया था. वीडियो में जाधव कराची और बलूचिस्तान का दौरा करने की बात कहते हुए दिख रहे हैं. भारत ने वीडियो सामने आने पर उसमें किए गये सभी दावों को खारिज कर दिया था.

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