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पद्मश्री विजेता सुलागिट्टी दाई नहीं रहीं, 15 हजार से ज्यादा बच्चों की कराई थी फ्री डिलीवरी

कर्नाटक के जिन गांवों में उन्होंने यह सेवा दी थी उन गांव के लोगों का मानना था कि नरसम्मा गर्भ में पल रहे बच्चे की पल्स चेक कर लेती थीं

Updated On: Dec 25, 2018 05:57 PM IST

FP Staff

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पद्मश्री विजेता सुलागिट्टी दाई नहीं रहीं, 15 हजार से ज्यादा बच्चों की कराई थी फ्री डिलीवरी

कर्नाटक के गांवों और पिछड़े इलाकों में बिना कोई रकम लिए 15,000 से ज्यादा बच्चों की डिलीवरी कराने वाली दाई सुलागिट्टी नरसम्मा का निधन हो गया है. नरसम्मा दाई ने मंगलवार को 98 वर्ष की उम्र में बेंगलुरु में आखिरी सांस ली.

नरसम्मा को निस्वार्थ भाव से कर्नाटक के एक दूर दराज में स्थित कृष्णापुरा गांव में 15 हजार से ज्यादा बच्चों की डिलिवरी कराने के अभूतपूर्व कार्य के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. वह बिना किसी चिकित्सा सुविधा के ही यह काम करती थीं.

अपने 70 साल के सफर में उन्होंने बिना किसी चिकित्सा सुविधा के हजारों प्रसव कराए. यह सभी पारंपरिक तरीकों से कराए गए थे. इस सेवा भाव के लिए वह ग्रामीणों से कोई रकम नहीं लेती थीं.

कर्नाटक के जिन गांवों में उन्होंने यह सेवा दी थी उन गांव के लोगों का मानना था कि नरसम्मा गर्भ में पल रहे बच्चे की पल्स चेक कर लेती थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव वालों का कहना था कि वह गर्भवी महिला का पेट छूकर ही गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य का भी हाल जान लेती थीं.

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