S M L

CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के लिए विपक्षी पार्टियां बनाने लगी हैं रणनीति

कांग्रेस ने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के मसौदे पर विभिन्न विपक्षी पार्टियों के सांसदों से हस्ताक्षर लेना शुरू कर दिया है

FP Staff Updated On: Mar 28, 2018 09:54 AM IST

0
CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के लिए विपक्षी पार्टियां बनाने लगी हैं रणनीति

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है. देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने दावा किया है कि कांग्रेस ने इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी शुरू कर दिया है. पार्टी के नेता डी पी त्रिपाठी ने कहा, 'कांग्रेस ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई के लिए प्रकिया शुरू कर दी है. कांग्रेस, एनसीपी, लेफ्ट पार्टियां, टीएमसी समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.'

उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं है. आरोप ‘बेहद गंभीर हैं’ और उस पत्र से यह प्रकट होता है जो सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने इस साल जनवरी में लिखा था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खतरा है.

कांग्रेस ने हालांकि इस कदम की पुष्टि नहीं की है. मंगलवार को पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में टालने वाले अंदाज में कहा कि इसमें कोई दम नहीं है.

समाजवादी पार्टी ने भी चीफ जस्टिस के महाभियोग मसौदे पर हस्ताक्षर करने की बात कही है. पार्टी ने कहा कि न्यायपालिका की निष्पक्षता और आजादी के लिए ऐसा करना जरूरी है.

हालांकि वाईएसआर कांग्रेस ने इस पर कहा कि किसी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया है. वो केवल मीडिया रिपोर्ट के हवाले से इसपर कुछ नहीं कह सकते.

विपक्षी पार्टियां क्यों लाना चाहती हैं महाभियोग 

देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम जजों जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ ने बीते जनवरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई दीपक मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए थे.

इस घटना के बाद से कांग्रेस लगातार न्यायपालिका में संकट की बात कह रही है. कांग्रेस का कहना है कि चारों जजों के आरोप सही हैं. इसके बाद से ही चीफ जस्टिस (सीजेआई) के खिलाफ महाभियोग की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि कांग्रेस ने औपचारिक तौर पर इसका खंडन किया है.

महाभियोग लाने के लिए क्या है जरूरी?

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पद से हटाने के लिए महाभियोग लाना ही एकमात्र विकल्प होता है. संसद के दोनों सदनों से दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही उन्हें अपने पद से हटाया जा सकता है.

नियमों के अनुसार चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश करने के लिए लोकसभा में 100 सदस्यों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है.

सूत्रों ने बताया कि अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नता गुलाम नबी आजाद से मंगलवार को मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की है. हालांकि आजाद के ऑफिस से ऐसी किसी बैठक के बारे में पुष्टि नहीं हो सकी है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi