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बंगलुरु में नए साल पर महिलाओं से सड़कों पर खुलेआम छेड़छाड़

मनचलों ने महिलाओं पर भद्दे कमेंट किए और उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ करने की भी कोशिश की

Updated On: Jan 02, 2017 09:02 PM IST

FP Staff

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बंगलुरु में नए साल पर महिलाओं से सड़कों पर खुलेआम छेड़छाड़

बंगलुरु की सड़कों पर नए साल का जश्न मनाने निकली कई महिलाओं के लिए साल 2016 का आखिरी दिन और साल 2017 का पहला दिन भयावह रहा.

मध्य बंगलुरु के एमजी रोड, ब्रिगेड रोड और चर्च स्ट्रीट पर शोहदों ने महिलाओं से छेड़छाड़ की. मनचलों ने महिलाओं पर भद्दे कमेंट किए और उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ करने की भी कोशिश की. मदद की गुहार लगाने पर पुलिस ने ऐसी महिलाओं की मदद से भी परहेज की.

'हैप्पी न्यू इयर' की जगह 'हेल्प मी' ने ली 

इन घटनाओं की प्रत्यक्षदर्शी गवाह और बंगलोर मिरर की फोटोग्राफर अनंता सुब्रमण्यम ने ट्वीट करके कहा कि ‘सड़कों पर 'हैप्पी न्यू इयर' की शोर की जगह ‘हेल्प मी’ ने ले ली थी.'

चर्च स्ट्रीट पर नया साल मनाने गए तेजस्वी महादेव ने कहा कि ‘हम 3 लड़के और 6 लड़कियों के ग्रुप में थे. हम लोग अपनी कैब का इंतजार कर रहे थे और वहां से गुजरते हुए लफंगे भद्दे कमेंट कर रहे थे. हमने वर्दी वाले पुलिसकर्मियों से कहा कि वे हमारी कैब आने तक हमारे साथ रहें. हम लोग बहुत ही कम संख्या में थे और हम इन शराबियों से उलझने का खतरा नहीं उठा सकते थे.’

उन्होंने यह भी कहा कि उस वक्त कोई भी बड़ा पुलिस अफसर मौजूद नहीं था. कुछ खास इलाकों में ही गश्त कर रहे थे. कांस्टेबल भी कोई मदद करने की स्थिति में नहीं थे क्योंकि सड़क पर काफी भीड़ थी और पुलिसकर्मियों की संख्या कम थी.

तेजस्वी ने कहा कि ‘सड़क पर खड़ी और चलने वाली महिलाओं पर कार से जा रहे शराबी चिल्ला रहे थे. सड़कों पर चलने वाले शोहदे भी आती-जाती लड़कियों को हैप्पी न्यू ईयर कह रहे थे और इसी बहाने से उन्हें छूने या सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे. यह बहुत की भद्दा था.’

बार और रेस्टोरेंट 1 बजे तक खुले थे, इस वजह से पुलिस को हालात पर काबू करने में 3 बजे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

चुपचाप खड़ी रही पुलिस

यह स्थिति तब पैदा हुई जबकि इस बार अधिक पुलिसकर्मियों को पारामिलिट्री फोर्स के साथ तैनात किया गया था. साथ ही बाइकर्स को स्टंट से रोकने के लिए फ्लाईओवर भी बंद कर दिए गये थे.

चर्च स्ट्रीट पर नए साल की खुशी मनाने गई एक लड़की ने कहा, ‘मुझे बाहर निकालने पर असुरक्षित महसूस हुआ. मेरे आस-पास शराबियों का झुंड था. मेरे साथ भी कुछ पुरुष दोस्त थे लेकिन वे इन शराबियों से कम संख्या में थे. यहां तक वे पुलिस वालों के सामने भी महिलाओं से छेड़छाड़ कर रहे थे और पुलिस चुपचाप यह सब खड़ी होकर देख रही थी.'

हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी तरह की शिकायत दर्ज नहीं हुई है लेकिन पीड़ित महिलाओं और कई प्रत्यक्षदर्शियों ने सोशल मीडिया पर इस बारे में लिखा है. जिससे यह मामला सबके सामने आया है.

इस साल 2 जनवरी को ही पदभार ग्रहण करने वाले बंगलुरु के पुलिस कमिश्नर प्रवीण सूद ने कहा, ‘मैंने 1 जनवरी तक कमिश्नर का पद नहीं संभाला था. साथ ही इस बारे में अभी तक कोई शिकायत भी दर्ज नहीं हुई है. मैं इस मुद्दे पर फिलहाल कोई कमेंट नहीं कर सकता.’

साभार: न्यूज़18 

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