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केरल: लेबर डे पर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के एमडी बने बस कंडक्टर, काटी लोगों के लिए टिकटें

हर साल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है. जिसे मई दिवस भी कहा जाता है

FP Staff Updated On: May 01, 2018 04:06 PM IST

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केरल: लेबर डे पर ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के एमडी बने बस कंडक्टर, काटी लोगों के लिए टिकटें

मई दिवस (लेबर डे) के दिन केरल के त्रिवेंद्रम में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. यहां केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के एमडी टीजे थाचनकारी बस कंडक्टर के रूप में काम करते नजर आए. इस दौरान उन्होंने यात्रियों की तकलीफें जानी और उनके लिए टिकट भी काटे.

उन्होंने कहा कि जब तक मुझे काम नहीं पता होगा, तब तक मैं लोगों का नेतृत्व कैसे कर सकता हूं. इससे मुझे यात्रियों से बात करने का मौका भी मिलेगा. यात्रियों ने उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया और थाचनकारी ने पूरी तसल्ली के साथ उनकी समस्याओं पर गौर भी किया.

आपको बता दें कि हर साल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है. जिसे मई दिवस भी कहा जाता है. मई दिवस मजदूरों के अधिकार की लड़ाई से जुड़ा हुआ है. इस लड़ाई के जन्म के पीछे काम के घंटे को कम करने का आंदोलन है.

सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया के इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के मजदूरों ने- ‘8 घंटे काम, 8 घंटे मनोरंजन और 8 घंटे आराम’ का नारा दिया. उनकी यह मांग 1856 में ही मान ली गई. लेकिन काम को 8 घंटे करने की यह मांग अमेरिका में पहली बार 1866 में सुनाई दी. 1866 में अमेरिका में ‘नेशनल लेबर यूनियन’ का गठन हुआ.

आज के वक्त में अगर आपका एंप्लॉयर 8 घंटे से अधिक काम लेता है तो अमूमन उसे ओवरटाइम कहा जाता है और इस ओवरटाइम के बदले आपको अतिरिक्त वेतन दिया जाता है. अगर आप से ओवरटाइम करवाया जा रहा है और इस ओवरटाइम के बदले कुछ नहीं दिया जा रहा है तो आपका एंप्लॉयर लेबर लॉ के उल्लंघन में फंस सकता है.

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