S M L

असम: NRC के फाइनल ड्राफ्ट की तारीख नजदीक, 40 लाख में सिर्फ 7 लाख ही कर पाए अभी तक दावा

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआरसी फाइनल ड्राफ्ट के संबंध में दावे और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 25 सितंबर को शुरू हुई प्रक्रिया 15 दिसंबर को खत्म होने वाली है

Updated On: Dec 04, 2018 11:59 AM IST

FP Staff

0
असम: NRC के फाइनल ड्राफ्ट की तारीख नजदीक, 40 लाख में सिर्फ 7 लाख ही कर पाए अभी तक दावा

असम में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआरसी फाइनल ड्राफ्ट के संबंध में दावे और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 25 सितंबर को शुरू हुई प्रक्रिया 15 दिसंबर को खत्म होने वाली है. लेकिन अभी भी लाखों लोग ऐसे हैं, जो नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) में अपने नाम होने का दावा नहीं कर पाए हैं.

एक महीने से कर रहे दादा की तलाश

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, 48 साल के हनीफ अली असम के मेजरटॉप गांव के रहने वाले हैं. एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट में इनका नाम भी नहीं है. हनीफ पिछले एक महीने से अपने दादा की तलाश कर रहे हैं. 40 लाख लोगों के नाम एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट में नहीं है. लेकिन अभी तक सिर्फ करीब सात लाख लोगों ने ही असम की नागरिकता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन और भारतीय नागरिकता के दावे वाले संबंधित दस्तावेज सौंपे हैं. जब कि दावे और आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी तारीख में अब में सिर्फ 10 दिन ही बचे है.

परिवार के 20 सदस्यों को नाम एनआरसी में

हनीफ के दो बेटे गुवाहाटी में दर्जी का काम करते हैं. उनका कहना है कि 1951 के एनआरसी में उनके दादा मुकरम अली का नाम था और वो उसका ही इस्तेमाल करते आ रहे हैं. लेकिन वैरिफिकेशन की प्रक्रिया की दौरान एनआरसी अधिकारियों ने पाया कि जिस मुकरम अली का नाम हनीफ बता रहे हैं, वो कोई और है. इसके चलते हनीफ और उनके परिवार के 20 लोगों को एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट में शामिल नहीं किया गया.

उन्होंने बताया कि वो अपने दादा का पता लगाने के लिए मेजरटॉप से 20 किलोमीटर दूर तायपारा गए. जहां मुझे पता लगा कि मेरे दादा 62 तायपारा में नहीं, बल्कि 63 ताइपारा में रहते थे. अब मुझे 1951 के एनआरसी और 1954 की वोटर लिस्ट में मेरे दादा के सही नाम का भी पता चल गया है. मैं जल्द दावा पेश करूंगा. आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट का प्रकाशन 30 जुलाई को हुआ था और 2.9 करोड़ लोगों के नाम इसमें शामिल किए गए, जबकि कुल आवेदन 3.29 करोड़ आए थे. एनआरसी से 40 लाख लोगों के नाम बाहर रहने पर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi