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फोन पर SC-ST को गाली देने वाले जा सकते हैं जेल

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक स्थान पर फोन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करना अपराध है. इसके लिए अधिकतम 5 साल की सजा हो सकती है

Updated On: Nov 19, 2017 05:51 PM IST

Bhasha

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फोन पर SC-ST को गाली देने वाले जा सकते हैं जेल

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को अब फोन पर भी गाली देना या अपशब्दों का इस्तेमाल भारी पड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि सार्वजनिक स्थान पर फोन पर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करना अपराध है. इसके लिए अधिकतम पांच साल की जेल की सजा हो सकती है.

अदालत ने एक व्यक्ति के खिलाफ दायर मामले की आपराधिक सुनवाई पर रोक लगाने और एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया. व्यक्ति पर फोन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी की एक महिला के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है.

जस्टिस द्वय जी चेलामेश्वर और एस अब्दुल नजीर की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 अगस्त के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया.

हाईकोर्ट ने यूपी के रहने वाले इस व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी थी जिसने अपने खिलाफ एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी.

पीठ ने यह कहते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी कि उसे मामले की सुनवाई की दौरान यह साबित करना होगा कि उसने महिला से सार्वजनिक स्थल से बात नहीं की थी.

आरोपी के वकील विवेक विश्नोई ने कहा कि महिला और उनके मुवक्किल ने जब बात की तब दोनों अलग-अलग शहरों में थे. उन्होंने कहा कि इस कारण यह नहीं कहा जा सकता है कि आरोपी तब सार्वजनिक स्थान पर था.

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