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निपाह मामले में चमगादड़ों के प्राथमिक वाहक होने की संभावना से इनकार नहीं : स्वास्थ्य मंत्रालय

निपाह विषाणु फल खाने वाले चमगादड़ों के शरीर में कुछ समय के लिए ही रहता है क्योंकि उनकी प्रणाली विषाणु से लड़ने में सक्षम होती है

FP Staff Updated On: Jun 07, 2018 07:06 PM IST

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निपाह मामले में चमगादड़ों के प्राथमिक वाहक होने की संभावना से इनकार नहीं : स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि निपाह विषाणु के फैलाव में चमगादड़ों के प्राथमिक वाहक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. मंत्रालय की यह टिप्पणी केंद्रीय चिकित्सा टीम की लगभग दो हफ्ते पहले आई उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें कहा गया है कि केरल के दो जिलों में चमगादड़ों से लिए गए नमूने जांच में ‘नेगेटिव’ पाए गए हैं. केरल के इन दो जिलों में निपाह से 17 लोगों की मौत हुई है.

चिकित्सा टीम की रिपोर्ट के बाद निपाह के प्रसार का रहस्य गहरा गया है. टीम ने 26 मई को मंत्रालय को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में कीटभक्षी चमगादड़ों से एकत्र किए गए नमूने ‘ नेगेटिव ’ पाए गए हैं.

लेकिन स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज कहा कि फल खाने वाले 55 चमगादड़ों से दो दिन पहले लिए गए नए नमूने पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजे गए हैं. ताजा नमूनों के परिणामों की प्रतीक्षा है.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महामारी विज्ञान संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख आ आर गंगाखेडकर ने कहा कि पूर्व के नमूने कीटभक्षी चमगादड़ों से लिए गए थे जो निपाह विषाणु के वाहक के रूप में नहीं जाने जाते हैं. ये नमूने फल खाने वाले चमगादड़ों से नहीं लिए गए थे.

गंगाखेड़कर ने कहा कि राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने फल खाने वाले 55 चमगादड़ों से दो दिन पहले नमूने एकत्र किए हैं.

निपाह विषाणु फल खाने वाले चमगादड़ों के शरीर में कुछ समय के लिए ही रहता है क्योंकि उनकी प्रणाली विषाणु से लड़ने में सक्षम होती है. इसलिए यदि कोई चमगादड़ पूर्व में विषाणु से संक्रमित रहा हो तो हो सकता है कि उसके नमूने के परिणाम भी ‘निगेटिव’ निकलें.

गंगाखेडकर ने कहा , 'इसलिए जांच के लिए बड़े स्तर पर नमूनों की आवश्यकता है.' स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने लोगों से कहा कि वे भयभीत न हों, क्योंकि संक्रमण नियंत्रण में आ चुका है.

केंद्रीय चिकित्सा टीम मूसा परिवार में सबसे पहले मरने वाले मोहम्मद साबिथ के यात्रा क्रम का अध्ययन कर रही है. इस परिवार में निपाह की वजह से चार लोगों की मौत हो गई.

साबिथ सऊदी अरब गया था जहां वह हेल्पर के रूप में काम करता था. कुछ समय बाद वह भारत लौट आया था. केरल के कोझिकोड जिले में निपाह से 14 तथा मलप्पुरम जिले में तीन लोगों की मौत हुई है.

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