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‘घाटि’ नहीं , काम में गोवा वालों को दें प्राथमिकता : मनोहर अजगांवकर

मराठी और कोंकणी भाषा में घाटि शब्द सामान्य तौर पर अन्य प्रदेशों, विशेष रूप से पड़ोसी महाराष्ट्र से आए दिहाड़ी मजदूरों के लिए इस्तेमाल होता है

Updated On: Jan 16, 2019 05:31 PM IST

Bhasha

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‘घाटि’ नहीं , काम में गोवा वालों को दें प्राथमिकता : मनोहर अजगांवकर

गोवा के पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर ने काम के लिए घाटियों को गोवा आने से मना करके और गोवा वालों को तवज्जोह देने की बात कहकर नया विवाद छेड़ दिया है. मराठी और कोंकणी भाषा में घाटि शब्द सामान्य तौर पर अन्य प्रदेशों, विशेष रूप से पड़ोसी महाराष्ट्र से आए दिहाड़ी मजदूरों के लिए इस्तेमाल होता है.

मंत्री ने बीते मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बात कही थी लेकिन तुरंत ही जोड़ा कि घाटि कोई आपत्तिजनक शब्द नहीं है. अपने मंत्रालय द्वारा समुद्र तटों की सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए अजगांवकर ने कहा, जिसे भी मुख्य ठेका मिलेगा, वही काम करेगा. प्राथमिकता गोवा वालों को दी जानी चाहिए और बाहरी घाटि इसमें नहीं आ सकते हैं. जब कुछ पत्रकारों ने घाटि शब्द की ओर इंगित किया तो मंत्री ने कहा- घाटि खराब शब्द नहीं है. घाटि का अर्थ घाटों (पर्वतों) में रहने वाले लोग हैं.

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