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गायब होने वाली हर नाबालिग लड़की अपने प्रेमी के साथ नहीं भागती: बॉम्बे हाईकोर्ट

कोर्ट ने कहा अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि यह कोई फिल्म का सीन नहीं है, असल जिंदगी की घटना है. इन बच्चों के माता-पिता हैं,जो उनके गायब हो जाने से परेशान हैं

FP Staff Updated On: Jul 15, 2018 05:53 PM IST

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गायब होने वाली हर नाबालिग लड़की अपने प्रेमी के साथ नहीं भागती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बंबई के ठाणे से करीब एक साल पहले गायब हुई एक नाबालिग लड़की को खोज पाने में असफल रही मुंबई पुलिस को फटकार लगाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि ये मानना बंद कर दीजिए की गायब होने वाली हर नाबालिग लड़की अपने प्रेमी के साथ भागी है. जैसा कि फिल्मों में दिखाया जाता है.

बीते 10 जुलाई को जस्टिस एस.सी धर्माधिकारी और भारती डांगरे की पीठ के आए फैसले में उन्होंने कहा, हम हमारी पुलिस की मानसिकता को देखकर बहुत नाखुश हैं. अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि यह कोई फिल्म का सीन नहीं है, असल जिंदगी की घटना है. इन बच्चों के माता-पिता हैं,जो उनके गायब हो जाने से परेशान हैं.

क्या है मामला?

बॉम्बे हाई कोर्ट उस याचिका पर फैसला सुना रही थी जिसमें एक पिता ने पिछले एक साल से गायब चल रही अपनी बेटी को ढ़ूंढ़ने के लिए पुलिस को रवैया सुधारने और तेजी से ढ़ूंढ़ने की अपील की थी. कोर्ट ने इसके जवाब में कहा कि वक्त आ गया है जब हमारे पुलिस अधिकारियों की सोच में बदलाव लाया जाए.

अतिरिक्त सरकारी अभियोजक जे पी यागनिक ने बच्ची को ढ़ूंढ़ने में असफल रही मुंबई पुलिस की बेबसी को दर्शाते हुए एक रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश किया. रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के एक सीनियर छात्र के लालच देने के बाद बच्ची अपने घर से निकल गई थी. यागनिक ने कोर्ट को बताया कि दोनों बच्चे साथ में तमिलनाडु चले गए और फिर वहां से अपनी जगह बदलते रहे. उन्होंने कोर्ट को ये भी कहा कि पुलिस ने लड़के के माता-पिता का स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया है और उनका इन सब में कोई हाथ नहीं लगता.

पुलिस पर उठाया सवाल

इस बीच कोर्ट ने पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि आप ऐसे कैसे सोच सकते हैं कि इसमें लड़के के गार्जियन,उसके रिश्तेदार या दोस्तों का इससे कोई लेना-देना ही नहीं है. क्या कोई स्कूल का बच्चा इतने दिनों तक ऐसे अपरिचित जगहों पर रह सकता है? वो कैसे अपनी जगह बदल रहे हैं, होटल कैसे शिफ्ट कर रहे हैं? उन्हें कौन पैसे दे रहा है? क्यों नहीं आप वापस जाके उनके परिवार से ये सारे सवाल करते हैं? आप इतने निश्चिंत कैसे हो सकते हैं? हो सकता है वो झूबोल रहे हों?

ऐसे केस बहुत ज्यादा सेंसेटिव होते हैं. आपको क्या पता, हो सकता है वह ट्रैफिकिंग का शिकार हो गया हो. उसे जिस्मफरोशी के रैकेट में धकेल दिया गया हो. कोई भरोसा नहीं. कोर्ट ने फिलहाल पुलिस को मामले की दोबारा जांच करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है.

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