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पकौड़े बेचना रोजगार है तो रिक्शा चलाना क्यों नहीं?

पिछले साल अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने नोएडा में एक रैली को संबोधित करते हुए लगभग 1,000 ई रिक्शा बांटे थे

Updated On: Feb 05, 2018 11:08 AM IST

FP Staff

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पकौड़े बेचना रोजगार है तो रिक्शा चलाना क्यों नहीं?

दिल्ली से सटे नोएडा के ई रिक्शा चालक एक दिन के हड़ताल पर हैं. नोएडा में छह मेट्रो स्टेशन हैं और इन सभी पर लगातार भीड़ बनी रहती है. ऐसे में ई रिक्शा जरिया बनते हैं लोगों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाने का. लेकिन 5 फरवरी, सोमवार के व्यस्त दिन को नोएडा के ई रिक्शा चालक एक दिन के हड़ताल पर हैं.

एक दिन के हड़ताल पर गए इन ई रिक्शा चालकों की मांगें हैं कि चालकों को कैंप लगवाकर लाइसेंस दिया जाए, ई रिक्शा स्टैंड बनाए जाएं, रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कराया जाए, ई रिक्शा का इंश्योरेंस हो और नियमों को सरल बनाया जाए. चालकों ने पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे शोषण से भी मुक्ति की मांग की है.

ई रिक्शा चालकों ने प्रधानमंत्री मोदी के एक इंटरव्यू में रोजगार संबंधी सवाल के जवाब में पकौड़े को रोजगार बताने वाली बात का इस्तेमाल करते हुए कहा 'पकौड़े बेचना रोजगार है तो रिक्शा चलाना भी तो है रोजगार'.

पिछले साल अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने नोएडा में एक रैली को संबोधित करते हुए लगभग 1,000 ई रिक्शा बांटे थे. जिसके बाद नोएडा में ई रिक्शा रूट पर चर्चा होने लगी थी, साथ ही यह प्रस्ताव सैद्धांतिक मंजूरी के लिए आरटीओ डिपार्टमेंट में भेज दिया गया था.

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