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अगले महीने से मेट्रो की एक्वा लाइन पर शुरू हो जाएगा सफर, ट्रायल शुरू

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा रूट पर सितंबर-2018 से आम लोगों के लिए मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू करने की घोषणा की थी

Updated On: Aug 20, 2018 10:30 PM IST

FP Staff

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अगले महीने से मेट्रो की एक्वा लाइन पर शुरू हो जाएगा सफर, ट्रायल शुरू
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नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच एक्वा लाइन मेट्रो ट्रेन का सोमवार से पूरे ट्रैक पर ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है. सोमवार को पहली बार इस रूट पर मेट्रो ट्रेन ने ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन से निकलकर नोएडा के सेक्टर-71 मेट्रो स्टेशन तक का ट्रायल रन पूरा किया. अभी इस रूट पर ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन से लेकर नोएडा के सेक्टर-83 मेट्रो स्टेशन तक ही ट्रायल रन किया जा रहा था.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा रूट पर सितंबर-2018 से आम लोगों के लिए मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू करने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री की घोषणा को देखते हुए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने इसके संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसी के तहत एनएमआरसी ने सोमवार को पूरे ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है.

एनएमआरसी के अधिकारी पीडी उपाध्याय ने बताया कि दस अगस्त को ही प्रेस क्रांफ्रेस के जरिए घोषणा कर दी गई थी कि इस सप्ताह से पूरे ट्रैक पर ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा. सोमवार सो डिपो स्टेशन से पूरे ट्रैक के लिए ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है. दोपहर करीब 12 बजे डिपो स्टेशन से पहली मेट्रो ट्रेन, ट्रायल रन पूरा कर नोएडा के सेक्टर-71 मेट्रो स्टेशन पर 2 बजे पहुंची. ट्रायल रन दोनों तरफ के ट्रैक पर किया जा रहा है, ताकि संचालन से पहले की पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सके. उन्होंने बताया कि पूरे रूट पर ट्रायल रन शुरू होना एक्वा लाइन मेट्रो का अहम चरण है. इसकी अगला चरण केवल संचालन शुरू करना ही होगा.

ड्राइवर रहित होगी ये मेट्रो

एनएमआरसी का प्रयास है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लोगों को जल्द से जल्द मेट्रो की सुविधा उपलब्ध कराई जाए. मालूम हो कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा रूट पर चलने वाली मेट्रो ड्राइवर रहित है. लिहाजा इसका संचालन शुरू करने से पहले सुरक्षा के लिहाज से हर बारीकी की जांच की जाएगी. ट्रायल रन के दौरान पूरे ट्रैक का परीक्षण होगा. साथ ही ऑटोमेटिक संचालन शुरू करने के लिए कंप्यूटराइज डाटा लिया जाएगा. इस दौरान मेट्रो ट्रैक पर बिजली आपूर्ति के लिए लगी ओएचई लाइन की भी जांच की जाएगी.

ट्रायल रन इसलिए कई दिनों तक चलता है. इस दौरान अलग-अलग रफ्तार पर ट्रैक की जांच की जाती है और अलग-अलग रफ्तार पर ट्रेन के संचालन के लिए कंप्यूटराइज डाटा लिया जाता है. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से इसलिए ट्रायल रन काफी अहम माना जाता है.

सीआईएसएफ संभालेगी सुरक्षा व्यवस्था की कमान

अगले महीने नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच शुरू होने वाली एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के हवाले होगी. यूपी सरकार ने इसके लिए 14 अगस्त को ही केंद्र सरकार के गृह विभाग को पत्र लिख जल्द से जल्द कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. पहले इस कॉरिडोर पर सुरक्षा के लिए पीएसी की विशेष बटालियन गठित कर उसे तैनात करने की योजना थी. सुरक्षा के मुद्दे पर यूपी के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 26 जुलाई 2018 को लखनऊ में शासन स्तर पर बैठक हुई थी. बैठक में यूपी पुलिस के डीजी समेत नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) और लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के अधिकारी भी मौजूद थे.

अभी भूतपूर्व सैनिक संभाल रहे सुरक्षा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर की सुरक्षा फिलहाल भूतपूर्व सैनिक संभाल रहे हैं. एनएमआरसी ने यूपी सैनिक कल्याण निगम के जरिए इस रूट पर अभी 144 भूतपूर्व सैनिक तैनात किए हैं. संचालन शुरू होने के बाद और सीआइएसएफ द्वारा सुरक्षा संभाल लेने के बाद भूतपूर्व सैनिकों को हटाया जा सकता है.

एक्वा लाइन मेट्रो का संक्षिप्त परिचय

1. एक्वा लाइन मेट्रो के ट्रैक की कुल लंबाई 29.707 किलोमीटर है. 2. नोएडा सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा के डेल्टा डिपो स्टेशन तक होगा संचालन. 3. कुल 21 मेट्रो स्टेशन होंगे एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर पर. 4. 15 मेट्रो स्टेशन नोएडा में हैं.

(न्यूज18 के लिए कुणाल जैसवाल की रिपोर्ट)

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