S M L

पार्क में नमाज पढ़ने के नोटिस के बाद अब नोएडा प्रशासन क्यों झाड़ रहा है पल्ला?

नोएडा प्रशासन के इस कदम पर विवाद जो शुरू हुआ था वह अब भी जारी है. राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों का एक लंबा सिलसिला लगातार जारी है.

Updated On: Dec 28, 2018 09:40 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

0
पार्क में नमाज पढ़ने के नोटिस के बाद अब नोएडा प्रशासन क्यों झाड़ रहा है पल्ला?

नोएडा के एक पार्क में नमाज पढ़ने को लेकर जो विवाद पिछले दिनों शुरू हुआ था, वह विवाद अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को एक बार फिर से सेक्टर 63 के एच ब्लॉक पार्क में नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल साइट्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि पिछले दिनों नोएडा प्रशासन का जो आदेश था वह सिर्फ एक पार्क के लिए था न कि शहर के दूसरे पार्कों के लिए. लेकिन, मीडिया में पिछले कुछ दिनों से इस फरमान को पूरे जिले के फरमान के तौर पर दिखाया जाया रहा है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि बवाल बढ़ते देख प्रशासन का कहीं यूटर्न तो नहीं है?

बता दें कि तीन दिन पहले ही नोएडा के सेक्टर 58 स्थित पार्क में नमाज पढ़ने पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी. शुक्रवार को सेक्टर 58 पार्क के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. प्रशासन के जरिए पूरे पार्क में पानी डाल दिया गया. शुक्रवार को सेक्टर 58 स्थित पार्क में नमाज तो नहीं पढ़ी गई लेकिन, नोएडा के दूसरे कुछ पार्कों में नमाज पढ़ी गई. नोएडा के सेक्टर 63 के एच ब्लॉक पार्क में नमाज अता करने का एक वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल किया जा रहा है. इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि प्रशासन के आदेश के बावजूद नमाज पढ़ी गई. लेकिन, जिले के डीएम मीडिया में चल रही खबरों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं.

यह भी पढ़ें: नमाज विवाद: कांग्रेस नेता ने UP DGP को लिखा पत्र, कहा- पब्लिक प्लेस में बंद हों RSS की शाखाएं

डीएम बीएन सिंह फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘देखिए, मीडिया इस खबर को जिस तरह से हैंडल कर रही है वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. क्या शासन और प्रशासन का काम है बवाल कराना? पिछले दिनों शासन का जो आदेश आया था वह सिर्फ सेक्टर 58 स्थित पार्क के लिए था न कि पूरे जिले के पार्क के लिए था. क्योंकि सेक्टर 58 स्थित पार्क के लिए कुछ लोगों की शिकायत आई थी कि पार्क में बहुत ज्यादा भीड़ जुट रही है. इसी के मद्देनजर शासन ने यह कदम उठाया था. रही बात आज कुछ पार्कों में नमाज पढ़ने की तो गली-मोहल्लों में जा कर शासन थोड़े ही नमाज पढ़ने से रोक लगा सकती है? मेरा काम है लॉ एंड आर्डर को दुरुस्त करना न कि लॉ-एंड-आर्डर को खराब करना? मीडिया को भी अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए.’

Kolkata: Muslims offer Friday prayers during the holy month of Ramadan in front of a mosque, in Kolkata on Friday, June 15, 2018. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI6_15_2018_000050B)

पार्क के अंदर पानी भरवाया

बता दें कि पिछले दिनों नोएडा के जिस सेक्टर 58 स्थित एक पार्क में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. वहां शुक्रवार को नमाज नहीं पढ़ी गई. शुक्रवार सुबह से ही प्रशासन की मुस्तैदी पार्क के अंदर और बाहर दिखी. पार्क के अंदर और बाहर भारी तदाद में पुलिस बल की तैनाती थी. शुक्रवार सुबह से ही लोगों को पार्क के अंदर नहीं घुसने देने के लिए अथॉरिटी के जरिए पार्क के अंदर पानी भरवाने का काम शुरू कर दिया गया था. पार्क के अंदर बाहर से भी कुछ मशीन मंगवा कर पूरे पार्क को पानी से भर दिया गया. पार्क में पानी भरने पर नोएडा अथॉरिटी के लोगों का कहना है कि यहां पर पानी का भरना रूटीन का काम है. पार्क में ज्यादा पानी भरने के पीछे वे लोग तर्क दे रहे थे कि पानी की मीटर में कुछ दिक्कत आ गई है. दूसरी तरफ पार्क में घूमने आए लोगों को नोएडा पुलिस लॉ-एंड-आर्डर का हवाला दे कर पार्क से बाहर कर रही थी.

शुक्रवार को नोएडा में शासन और प्रशासन के जरिए पूरी तैयारी कर ली गई थी कि पार्क में किसी भी कीमत में नमाज नहीं पढ़नी दी जाएगी. इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही हर थ्योरी तैयार कर रखी थी. प्रशासन के जरिए पार्क के अंदर लोगों को नहीं घुसने देने का मामला हो या फिर मशीन में गड़बड़ी से पार्क में पानी भरने पर लोगों को यकीन नहीं हो रहा है. सेक्टर 58 के एक पार्क में नमाज पढ़ने का मामला हो या फिर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 37 में श्रीमद्भागवत कथा पर रोक लगाने का मामला. नोएडा शासन-प्रशासन की तरफ से यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि प्रशासन किसी एक धर्म विशेष के पीछे नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है.

यह भी पढ़ें: पार्क में नमाज पर विवाद: राजनीतिक बवाल के बीच पुलिस बोली- हम तो सुप्रीम कोर्ट का पालन कर रहे हैं

लेकिन, नोएडा प्रशासन के इस कदम पर विवाद जो शुरू हुआ था वह अब भी जारी है. राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों का एक लंबा सिलसिला लगातार जारी है. कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियां यूपी की योगी सरकार पर हमला बोल रही है. बीएसपी सुप्रीमो मयावती का कहना है कि नोएडा प्रशासन का यह रवैया भेदभावपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना है. योगी सरकार इस तरह के फरमान जारी कर 2019 लोकसभा चुनावों से पहले अपनी विफलताओं को छुपाना चाह रही है. वहीं कांग्रेस नेता संपूर्णानंद ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिखकर पूरे राज्य में पब्लिक प्लेस पर बिना इजाजत लगने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं पर भी रोक लगाने की मांग की है.

रायटर इमेज

डीजीपी को लिखा पत्र

संपूर्णानंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैंने डीजीपी को पत्र लिखा है और पूछा है कि कानून आरएसएस की शाखा पर क्यों नहीं लागू होता. क्यों सिर्फ नमाज को ही पब्लिक प्लेस पर रोका जा रहा है. नोएडा में जो कुछ भी हो रहा है वह बेहद ही गंभीर है. सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं के अलावा पब्लिक पार्क में संघ की शाखाएं बिना इजाजत आयोजित की जाती हैं और यहां से समाज को तोड़ने-बांटने का संदेश फैलाए जाते हैं. ऐसे में इस पर रोक लगना चाहिए.'

कुल मिलाकर नोएडा प्रशासन नमाज पढ़ने पर नोटिस जारी कर अब पल्ला झाड़ने में लगी हुई है और साफ कह रही है कि यह नोटिस सिर्फ एक जगह के लिए था. दूसरी तरफ इस नोटिस के बहाने ही विपक्षी पार्टियों को आगामी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा मुद्दा मिल गया है. अब देखना यह है कि शुक्रवार को भी नोएडा के कुछ पार्कों में नमाज अता करने की खबर को राजनीतिक दलों के नेताओं के जरिए किस रूप में लिया जाता है?

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi