S M L

श्राप के डर से इस गांव में 400 साल से पैदा नहीं हुआ कोई बच्चा

बताया जाता है कि इस गांव की औरतों को बच्चे पैदा करने के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है

Updated On: May 11, 2018 01:33 PM IST

FP Staff

0
श्राप के डर से इस गांव में 400 साल से पैदा नहीं हुआ कोई बच्चा
Loading...

किसी भी महिला के लिए एक संतान को जन्म देने से अच्छा शायद कुछ नहीं होता. कहते हैं कि संतान को जन्म देने के बाद महिला खुद को पूरा महसूस करती है क्योंकि संतान उसको दुनिया का सबसे बड़ा ओहदा यानी मां का दर्जा देती है. लेकिन भारत में ऐसी भी एक जगह है जहां महिलाओं को बच्चे पैदा करने की इजाजत नहीं है.

इस जगह का नाम है संका श्याम जी गांव जो मध्य प्रदेश के राजगढ़ में स्थित है. यही वो गांव है जहां महिलाओं ने पिछले 400 साल से बच्चों को जन्म नहीं दिया है. गांव के लोग श्राप को इसकी वजह बताते हैं. उनका मानना है महिलाओं के बच्चे पैदा करने पर गांव श्रापित है. लोग बताते हैं अगर इस गांव में महिलाएं बच्चे पैदा करती हैं तो या तो वे मर जाती हैं या फिर बच्चे.

बताया जाता है कि इस गांव की औरतों को बच्चे पैदा करने के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है. गांव के सरपंच नरेंद्र गुर्जर के मुताबिक ज्यादातर बच्चों के जन्म अस्पताल में होते हैं लेकिन कभी इमरजेंसी में मां अगर अस्पताल जाने की स्थिति में नहीं है तो उसे गांव के बाहर बने एक कमरे ले जाया जाता है. उन्होंने बताया कि ये कमरा केवल इसी काम के लिए बनाया गया है. इतना ही नहीं बारिश होने पर भी महिला को गांव के बाहर ही जाना पड़ता है.

क्या है श्राप की कहानी

सरपंच ने बाताया कि एक महिला ने इस गांव में मंदिर के निर्माण में अड़ंगा लगाया था जिसके बाद ये गांव श्रापित हो गया. गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि 16वीं शताब्दी में इस गांव में मंदिर बनाया जा रहा था. मंदिर बनते वक्त महिला अक्सर गेंहू पीसने बैठ जाती थीं जिससे मंदिर का निर्माण कार्य बीच में ही रुक जाता था. इससे भगवान नाराज हो गए और श्राप दे दिया कि कोई भी औरत इस गांव में संतान को जन्म नहीं दे पाएगी. हालांकि कुछ लोग इस बात को केवल अंधविश्वास भर मानते हैं.

बताया जाता है कि इस गांव में लोग किसी भी तरह का कोई नशा नहीं करते. गांव के लोगों का मानना है कि यह गांव पर भगवान का आशीर्वाद है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi