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सेना में TA/DA पर रोक: सरकार ने दी सफाई- जरूरत पड़ने पर और पैसा दिया जाएगा

धन की कमी के कारण सेना द्वारा अस्थाई भत्तों पर रोक लगाने की खबरों के बीच रक्षा मंत्रालय ने बताया कि धन की कमी स्थाई नहीं है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा

Updated On: Feb 06, 2019 09:40 AM IST

FP Staff

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सेना में TA/DA पर रोक: सरकार ने दी सफाई- जरूरत पड़ने पर और पैसा दिया जाएगा

धन की कमी के कारण सेना द्वारा अस्थाई भत्तों (TA/DA) पर रोक लगाने की खबरों के बीच रक्षा मंत्रालय ने बताया कि धन की कमी स्थाई नहीं है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा.अस्थाई भत्ते अधिकारियों को दौरे एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से की गई यात्राओं के लिए दिए जाते हैं. सेना में 13 लाख जवान हैं और कम से कम एक हजार अधिकारी हर समय यात्राओं पर या फिर पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने, सम्मेलनों में जाने या अभ्यासों में हिस्सा लेने सहित अन्य तरह की 'अस्थाई ड्यूटी' पर होते हैं.

खबरों पर प्रतिक्रिया जताते हुए रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सभी मदों में पर्याप्त धन आवंटित किया गया है, जिसमें अस्थाई एवं स्थाई ड्यूटी मद में आवंटित धन भी शामिल हैं. रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, 'कभी-कभार किसी विशेष मद में आवंटित धन वास्तविक खर्च से कम पड़ सकता है. ये कमी अस्थाई हैं और नियमित पुनर्विनियोजन के माध्यम से इनका हल निकाला जाता है. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा.'

गौरतलब है कि भत्तों पर रोक लगाने की जानकारी अकाउंट्स डिविजन द्वारा ही वेबसाइट पर दी गई थी. सेना के एक अधिकारी ने बताया था कि वेबसाइट पर जारी किए गए इस तरह के पोस्ट ने सेना की खराब छवी को दर्शाया है. प्रिंसिपल कॉम्पट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (PCDA) के पोस्ट में कहा गया था कि फंड्स की कमी होने के कारण टीए (ट्रेवलिंग अलाउंस) और डीए (डियरनेस अलाउंस) नहीं दिए जाएंगे. जब फंड आएंगे तब भत्ते दिए जाएंगे. हालांकि लीव ट्रेवल कन्सेशन की सुविधा जारी रखी जाएगी.

(इनपुट भाषा)

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