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ऐसे बनी थी जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस की योजना

चारों जज कुछ अन्य जजों जिन्हें भी कुछ इसी तरह की समस्याएं थीं, से भी परामर्श लेना चाहते थे. लेकिन कोर्ट में सुबह 10:30 से कार्यवाही शुरू हो चुकी थी

FP Staff Updated On: Jan 13, 2018 08:15 PM IST

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ऐसे बनी थी जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस की योजना

सुप्रीम कोर्ट के चार जज शुक्रवार को देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया से रूबरू हुए. इन 4 जजों ने जब जनता को संबोधित करने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला लिया तो शीर्ष अदालत के किसी भी जज को इस बात का पता नहीं था. देश के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को भी इस बात का अंदाजा नहीं था.

ये एक ऐसा क्षण था जब चार जजों जिसमें न्यायमूर्ति रंजन गोगोई भी शामिल थे, उन्होंने कुछ ऐसा करने का सोचा जो देश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. बता दें कि न्यायामूर्ति गोगोई मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में सबसे पहले हैं.

न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्होंने, मदन बी. लोकुर और कुरियन जोसेफ ने जस्टिस गोगोई के साथ एक मीटिंग की और देश की न्यायपालिका की आजादी को प्रभावित करने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के खिलाफ खुलकर सामने आने पर उनमें सहमति बनी.

सर्वसम्मति से तय हुआ कि इस मुद्दे पर वो मीडिया से मिलेंगे और इसमें देरी नहीं की जाएगी. इस वजह से इस फैसले के बारे में दूसरे न्यायाधीशों को जानकारी देने का समय नहीं मिल पाया.

अन्य जजों से भी परामर्श लेना चाहते थे जस्टिस रंजन गोगोई 

सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि चारों जज कुछ अन्य जजों जिन्हें भी कुछ इसी तरह की समस्याएं थीं, से भी परामर्श लेना चाहते थे. लेकिन कोर्ट में सुबह 10:30 से कार्यवाही शुरू हो चुकी थी और दूसरे जज अपने कोर्ट रूम पहुंच चुके थे इसलिए इस कदम के बारे में उन्हें जानकारी देना संभव नहीं था. इसके अलावा इन चारों जजों को भी अपने कोर्ट रूम जाना पड़ा और उन दिन के केसों की सुनवाई करनी पड़ी.

सूत्रों के मुताबिक न्यायमूर्ति चेलामेश्वर ने ही सात पेजों के पत्र का मसौदा अपने कार्यालय में तैयार किया था. बाद में इसे बाकी के 3 जजों की भी स्वीकृति मिली.

इस तरह शुक्रवार को हुई घटना ने केवल देश में ही उथल-पुथल नहीं मचाया बल्कि सुप्रीम कोर्ट के जजों पर भी इसका प्रभाव पड़ा. चार जजों की ओर से किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस ने सुप्रीम कोर्ट के बाकी जजों को भी हैरत में डाल दिया.

(न्यूज 18 के लिए उत्कर्ष आनंद की रिपोर्ट) 

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