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आर्कबिशप की चिट्ठी पर बोले राजनाथ, देश में किसी भी तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं

राजनाथ सिंह की टिप्पणी आर्कबिशप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने देश में बने ‘उथल-पुथल वाले राजनीतिक माहौल’ का जिक्र किया था

Bhasha Updated On: May 22, 2018 04:33 PM IST

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आर्कबिशप की चिट्ठी पर बोले राजनाथ, देश में किसी भी तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत किसी के भी खिलाफ धर्म या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं करता है और देश में ऐसा करने की कभी भी इजाजत नहीं रही है. उनकी टिप्पणी दिल्ली के आर्कबिशप के उस बयान की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें उन्होंने देश में बने ‘उथल-पुथल वाले राजनीतिक माहौल’ का जिक्र किया था और 2019 के आम चुनाव से पहले प्रार्थना अभियान शुरू करने की अपील की थी.

सिंह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘मैंने (आर्कबिशप) शब्दश: बयान नहीं देखा है लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि भारत एक ऐसा देश है जहां किसी के भी खिलाफ धर्म या संप्रदाय या ऐसे किसी आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता है. ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है.’

कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि सरकार देश की एकता पर किसी भी तरह का आघात नहीं होने देगी. उन्होंने कहा, ‘कई बार हमसे सवाल किए जाते हैं. लेकिन हम देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे और यह हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. हम हमारे समाज में मैत्री, बंधुत्व और सामंजस्य के बंधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’

आर्कबिशप ने देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने पर बताया है खतरा

दिल्ली के आर्कबिशप अनिल काउटो द्वारा कथित तौर पर लिखे गए और राजधानी के सभी पादरियों को इस महीने की शुरुआत में भेजे पत्र में आगामी 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर एक प्रार्थना आंदोलन शुरू करने और शुक्रवार के दिन व्रत करने का अनुरोध किया था.

पत्र में ‘संविधान में निहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों और देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के लिए देश के अशांत राजनीतिक माहौल को खतरा बताते हुए’ कहा गया है कि ‘अपने देश और यहां के राजनीतिक नेताओं के लिए हमेशा प्रार्थना करने की हमारी पवित्र प्रथा रही है और देश में चुनाव निकट आने पर यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है.’ पत्र के मुताबिक, ‘हम वर्ष 2019 की ओर देखते हैं जब नई सरकार आएगी, उसे देखते हुए हमें हमारे देश के लिए प्रार्थना अभियान शुरू करना चाहिए.’

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