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आयुष्मान भारत मिशन में जालसाजी रोकने के लिए नीति आयोग ने विश्व बैंक से मांगी मदद

विश्वबैंक के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, इस वजह से बीमा योजना में घपला रोकने के लिए उसकी मदद ली जा रही है

Updated On: May 06, 2018 05:16 PM IST

Bhasha

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आयुष्मान भारत मिशन में जालसाजी रोकने के लिए नीति आयोग ने विश्व बैंक से मांगी मदद

आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (एबी - एनएचपीएम ) के फंड में किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए नीति आयोग ने विश्व बैंक से मदद मांगी है.

नीति आयोग ने मिशन में जालसाजी का पता लगाने और फंड में घपला रोकने के लिए विश्व बैंक से मदद देने का अनुरोध किया है. दरअसल, विश्वबैंक के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, इस वजह से इस सिलसिले में उसकी मदद ली जा रही है.

नीति आयोग के एक सूत्र के मुताबिक विश्व बैंक 15 मई तक इस बारे में रिपोर्ट सौंप सकता है. रिपोर्ट में वह बताएगा कि इस तरह का स्वास्थ्य बीमा सिस्टम बाकी के देशों में कैसे चलाया जाता है. वहां के सिस्टम ने भ्रष्टाचार कैसे रोका.

केंद्र की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर साल पांच लाख रुपया प्रति परिवार बीमा कवर मुहैया किया जाएगा. गरीब और समाज के कमजोर तबके के 10 करोड़ से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.

एबी - एनएचपीएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदु भूषण ने कहा, ‘हम विश्व बैंक की सिफारिशों पर गौर करेंगे. इसके बाद उन्हें लागू करेंगे, ताकि एबी - एनएचपीएम के तहत बांटे गए फंड का कोई गलत इस्तेमाल और जालसाजी न हो. इस योजना के जरिए देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपए का बीमा कवरेज दिया जाएगा.’

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