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निर्भया कांड का दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों पर हुआ है बड़ा असर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

2012 में निर्भया कांड के बाद क्राइम डेटा एनालाइसेस के मुताबिक दिल्ली के मुकाबले हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में रेप के मामले बढ़े हैं

Updated On: Nov 25, 2018 05:50 PM IST

FP Staff

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निर्भया कांड का दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों पर हुआ है बड़ा असर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

निर्भया मामले और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित कानूनों के संशोधन ने रेप के मामलों में देशव्यापी वृद्धि दर्ज की है. हालांकि इसका पैटर्न बदल गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार इस तरह के मामले दिल्ली के आसपास के इलाकों में अधिक ध्यान देने योग्य है. राजधानी इसके आगे कमजोर पड़ता है. 2012 में निर्भया कांड के बाद क्राइम डेटा एनालाइसेस के मुताबिक दिल्ली के मुकाबले हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में रेप के मामले बढ़े हैं.

निर्भया मामला काफी गहरा था लेकिन कुछ अलग भी था

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के डेटा के मुताबिक सेंटर ऑन जेंडर इक्यूटी एंड हेल्थ, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की टीम ने कहा कि निर्भया मामला काफी गहरा था लेकिन कुछ अलग भी था. निर्भया केस के बाद दिल्ली से अतिरिक्त हर 100 किलोमीटर पर रेप के मामलों में कमी आई है. एक विश्लेषण के अनुसार महिलाओं के पुलिस स्टेशनों, लिंग अनुपात और साक्षरता अनुपात दिल्ली के आसपास के इलाकों में बढ़ते रेप का कारण हो सकती है.

रेप के मामलों में 33 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है

साल 2013 और 2016 के बीच प्रति 100,000 महिलाओं में 1.4 फीसदी रेप की बढ़ोतरी हुई है. वहीं 2005-2012 की अवधि के मुकाबले रेप के मामलों में 33 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन जिलों में केवल महिला पुलिस स्टेशन मौजूद हैं वहां निर्भया कांड के बाद से रेप के मामले बहुत कम दर्ज हुए हैं.

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में ज्यादा बदलाव आया है

रेप के मामलों को लेकर यूसीएसडी सेंटर की निदेशक अनिता राज ने कहा कि देश के मुकाबले जिला स्तर पर रेप की घटनाएं बढ़ी हैं. दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में ज्यादा बदलाव आया है जबकि पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कम बदलाव हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2005 से 2016 के बीच वार्षिक तौर पर रेप के मामलों में 79 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है.

89 फीसदी मामलों की चार्जशीट दाखिल हो पाई है

पुलिस थानों में दर्ज हुए रेप के मामलों में करीब 70 फीसदी इंवेस्टिगेशन का समाधान हो पाया है जबकि 89 फीसदी मामलों की चार्जशीट दाखिल हो पाई है. केस के ट्रायल की धीमी गति और कम सजा दर को बड़ी चुनौतियों के रूप में देखा गया है. इसके चलते महिलाओं को आगे आने और ऐसे अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए संबोधित करने की आवश्यकता है.

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