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16 दिसंबर गैंगरेप केस: निर्भया के दोषियों को जान लीजिए

मुख्य आरोपी राम सिंह ने जेल में ही कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी

Updated On: May 05, 2017 03:19 PM IST

FP Staff

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16 दिसंबर गैंगरेप केस: निर्भया के दोषियों को जान लीजिए

दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात एक चलती बस में पैरा-मेडिकल की एक छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ. उसे और उसके साथी से बुरी तरह हिंसा भी हुई. अपराधी उन्हें महिपालपुर में घायल छोड़कर भाग निकले. मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया. कुछ दिनों बाद लड़की की मौत हो गई. इस बीच मामले के आरोपियों को पकड़ लिया गया- राम सिंह, मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया.

मुख्य आरोपी राम सिंह ने कुछ दिन बाद जेल में ही कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नाबालिग अपराधी को जुवेनाइल कोर्ट से तीन साल की सजा सुनाई गई. बाकी चार आरोपियों पर मुकदमा चला और पहले ट्रायल कोर्ट और फिर हाई कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई. अब फैसला सुप्रीम कोर्ट में होना है.

कोर्ट को दोष से अधिक सजा की मात्रा पर फैसला करना है. दोषियों ने खुद को बचाने के लिए कुछ तर्क रखे हैं. जानिए निर्भया मामले के दोषियों और उनके तर्क को-

मुकेश सिंह

मुकेश राम सिंह का छोटा भाई है. वह दक्षिण दिल्ली की रवि दास झुग्गी में अपने भाई के साथ रहता था. वह कभी-कभी ड्राइवर और क्लीनर का काम करता था. मुकेश पर बलात्कार के साथ-साथ निर्भया और उसके दोस्त को लोहे की रॉड से मारने का आरोप भी है. कहा जाता है कि जब निर्भया और उसका दोस्त बस में चढ़े थे तो बस वही चला रहा था. मुकेश ने कोर्ट में कहा कि वह बस चला रहा था और बाकी पांचों ने लड़की के साथ रेप और दोनों के साथ हिंसा की.

विनय शर्मा

जिम अस्सिटेंट और फिटनेस ट्रेनर के रूप में काम करने वाला विनय शर्मा रवि दास स्लम में राम सिंह का पड़ोसी था. सभी दोषियों में विनय ही एकमात्र है जिसने स्कूली शिक्षा ली है. वह थोड़ी बहुत अंग्रेजी भी बोल लेता है. विनय ने जेल में रहकर यूनिवर्सिटी की परीक्षा भी दी. विनय ने कोर्ट में दावा किया था कि जब रेप हुआ तो वह बस में नहीं था बल्कि वह पवन गुप्ता के साथ एक संगीत का कार्यक्रम देखने गया था.

अक्षय ठाकुर

अक्षय उस बस में हेल्पर का काम करता था. उसे घटना के 5 दिन बाद बिहार में उसके गांव से पकड़ा गया. वब 2011 में दिल्ली आया. उसका कहना था कि वह घटना के दिन दिल्ली में ही नहीं था और 15 तारीख को ही बिहार चला चला गया था.

पवन गुप्ता

पेशे से फल-विक्रेता पवन गुप्ता का कहना है कि वह घटना के समय बस नहीं था. उसने और विनय ने कहा कि दोनों एक संगीत कार्यक्रम देखने चले गए थे. पवन के पिता का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे फंसाया गया है.

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