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FIR में चौंकाने वाला खुलासा : 2017-18 में ही हुआ PNB का पूरा घोटाला

अगर यह घोटाला 2011 में शुरू हुआ, तो घोटाले की रकम 11,300 करोड़ रुपए से काफी ऊपर हो सकती है

FP Staff Updated On: Feb 17, 2018 11:47 AM IST

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FIR में चौंकाने वाला खुलासा : 2017-18 में ही हुआ PNB का पूरा घोटाला

पीएनबी फ्रॉड केस में फंसे हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बारे में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है. मोदी ने 2011 नहीं, बल्कि 2017-2018 के बीच ही पंजाब नेशनल बैंक से 11,300 करोड़ रुपए का गड़बड़झाला किया था. सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर में यह खुलासा हुआ है.

इस फ्रॉड केस को बैकिंग के इतिहास में सबसे बड़ा बताया जा रहा है. एक तरफ बीजेपी और उसके प्रवक्ता दावा कर रहे हैं कि यह घोटाला 2011 में कांग्रेस राज की देन है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसका ठीकरा केंद्र सरकार और बीजेपी पर फोड़ रही है.

सीबीआई की जांच फिलहाल 2017-18 के बीच हुए लेनदेन तक सीमित है. अगर यह घोटाला 2011 में शुरू हुआ, तो घोटाले की रकम 11,300 करोड़ रुपए से काफी ऊपर हो सकती है.

पीएनबी के 4 अधिकारियों से पूछताछ

इस मामले में पीएनबी के चार अधिकारियों से पूछताछ हुई है. ये सभी अधिकारी मुंबई की एक ब्रांच में 2014 के बाद से ही तैनात थे. इन अधिकारियों में शामिल बेचू तिवारी फरवरी 2015 से लेकर अक्टूबर 2017 तक नरीमन प्वाइंट ब्रांच के चीफ मैनेजर थे. इसके अलावा संजय कुमार प्रसाद मई 2016 और अक्टूबर 2017 के बीच ब्रैडी हाउस ब्रांच में एसिस्टेंट ब्रांच मैनेजर थे. मोहिंदर कुमार शर्मा नवंबर 2015 से जुलाई 2017 के बीच ऑडिटर थे और मनोज करात नवंबर 2014 से दिसंबर 2017 तक सिंगल विंडो ऑपरेटर थे. सीबीआई की एफआईआर में मनोज करात और गोकुलनाथ सेट्टी का नाम है. गोकुलनाथ पिछले कुछ दिनों से फरार है. सीबीआई ने शुक्रवार को उसके घर पर तीसरी बार छापा मारा और उनकी पत्नी व भाई से भी पूछताछ की है.

सीबीआई के छापे जारी

पीएनबी फ्रॉड केस में सीबीआई ने अब तक दो एफआईआर दर्ज किए हैं. नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी और गीतांजलि ग्रुप के दूसरे डायरेक्टरों से जुड़े 26 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं. मुंबई, पुणे, सूरत, जयपुर, हैदराबाद और कोयंबटूर में सीबीआई ने इनसे जुड़े कई कारखानों, दफ्तर और घरों पर छापेमारी की. उधर ईडी ने शुक्रवार को पटना में गीतांजली ग्रुप के कॉम्पलेक्स पर छापा मारा और 2 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की.

क्या कहती है एफआईआर?

सीबीआई की एफआईआर में मेहुल चोकसी और उसकी तीन कंपनियों गीतांजलि जेम्स, गिली इंडिया लिमिटेड और नक्षत्र ब्रांड लिमिटेड के डायरेक्टर्स और दो बैंक कर्मचारियों का नाम हैं. पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से 13 फरवरी को की गई शिकायत के आधार पर एफआईआर में इन लोगों को नामजद किया गया है. इन मामले में पीएनबी को कुल 4886.72 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है. वहीं बैंक की तरफ की गई दूसरी शिकायत में यह घाटा कुल मिलाकर 11,300 करोड़ रुपए पर पहुंच जाता है.

(न्यूज18 के लिए सुभजीत सेनगुप्ता की रिपोर्ट)

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