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NHRC ने जवाहर नवोदय विद्यालय में 49 बच्चों की आत्महत्या पर भेजा नोटिस, 6 हफ्ते में मांगा जवाब

जेएनवी, बोर्ड परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के लिए जाना जाता है. इसे 1985-86 में शुरू किया गया था और ये हजारों कमजोर बच्चों को गरीबी से बाहर निकालने का माध्यम बन गया है

Updated On: Jan 01, 2019 05:39 PM IST

FP Staff

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NHRC ने जवाहर नवोदय विद्यालय में 49 बच्चों की आत्महत्या पर भेजा नोटिस, 6 हफ्ते में मांगा जवाब

एक जांच में पता चला है कि 2013-17 के बीच जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के 49 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मंगलवार को मानव संसाधन मंत्रालय (HRD) को इस मामले में नोटिस भेजा है और छह सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है. 49 आत्महत्या करने वालों में से आधे दलित और आदिवासी छात्र थे, और उनमें से अधिकांश लड़के थे.

द इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार एनएचआरसी के बयान में कहा गया है कि 'सिर्फ सात को छोड़कर बाकी सारे छात्रो ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी. और उनके शवों को या तो सहपाठियों या फिर स्कूल स्टाफ के सदस्यों ने सबसे पहले देखा था. रिपोर्ट की बातों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि अगर जल्दी और उचित उपाय करने के साथ साथ सही से जांच नहीं की गई तो जेएनवी में आत्महत्या का ये पैटर्न अभी बढ़ भी सकता है.'

साथ ही एनएचआरसी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों से आने वाले बच्चों की आत्महत्या के अनुपात के बारे में भी चिंता व्यक्त की है. आयोग ने इस बात की भी जानकारी मांगी है कि क्या प्रशिक्षित काउंसलर उन परिसरों में उपलब्ध थे जिनसे की किशोर छात्र खुल कर अपनी भावनाओं के बारे में बात कर सकते हैं.

इस बात पर भी जानकारी मांगी गई है कि क्या समर्पित कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियोजित किया जाता है कि बच्चों को कमरों में अकेला नहीं छोड़ा जाए और क्या टेलीफोन के जरिए परामर्श और आत्महत्या हॉटलाइन सेवाओं के माध्यम से आपातकालीन सहायता उनके लिए उपलब्ध थी.

जेएनवी को बेस्ट रिजल्ट के लिए जाना जाता है:

जेएनवी, बोर्ड परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के लिए जाना जाता है. इसे 1985-86 में शुरू किया गया था और ये हजारों कमजोर बच्चों को गरीबी से बाहर निकालने का माध्यम बन गया है. 2012 से, इन स्कूलों ने कक्षा 10 में 99 प्रतिशत से अधिक और कक्षा 12 में 95 प्रतिशत से अधिक की सफलता दर दर्ज की गई है. ये आंकड़ा निजी स्कूलों और सीबीएसई के राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है.

वर्तमान में 635 जेएनवी में 2.8 लाख छात्र पढ़ते हैं. 31 मार्च 2017 तक, नौ से 19 आयु वर्ग के कुल 2.53 लाख छात्रों ने लगभग 600 जेएनवी में दाखिला लिया था. उसी साल आत्महत्या करने वालों की संख्या 14 छू गई. मतलब इन स्कूलों में पढ़ने वाले हर एक लाख छात्रों पर, 2017 में लगभग छह छात्रों ने आत्महत्या की.

 

 

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