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भारत में खत्म होंगी इंजीनियरिंग की 1 लाख सीटें

देश में तकनीकी शिक्षा की 70 प्रतिशत सीटें इंजीनयरिंग की हैं, इनमें से बड़े हिस्से की हालत खराब है

Updated On: Dec 17, 2017 01:38 PM IST

FP Staff

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भारत में खत्म होंगी इंजीनियरिंग की 1 लाख सीटें

2018-19 में भारत से 1 लाख इंजीनियरिंग की सीटें खत्म कर दी जाएंगी. शुक्रवार को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन ने अपना नया अप्रूवल जारी किया है.

भारत में इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी कोर्स की दुर्दशा पिछले कछ सालों से बड़ा मुद्दा है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ऐसे कई कॉलेज हैं पिछले 5 साल में इंजीनियरिंग में तय सीटों के 30 प्रतिशत छात्रों ने ही एडमीशन लिया है. इन कॉलेजों में सीटें आधी कर दी जाएंगी. जिन कोर्स में पिछले साल एक भी एडमीशन नहीं हुआ उन्हें बंद कर दिया जाएगा.

भारत में तकनीकी शिक्षा का 70 प्रतिशत इंजीनयरिंग कॉलेज हैं. बाकी 30 प्रतिशत में एमबीए, फार्मा, आर्कीटेक्चर जैसे सारे कोर्स आते हैं. देश में कुल 15.5 लाख इंजीयनिरिंग की सीटें हैं, इनमें से आधी पिछले साल खाली रही थीं.

दरअसल भारत के इंजीनियरिंग कॉलेजों में हर साल बड़ी तादाद में ऐसे ग्रैज्युएट निकलते हैं जो नौकरियों के लायक नहीं होते या जिन्हें नौकरी नहीं मिलती. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इंजीनियरिंग कॉलेजों में टेक्निकल सपोर्ट, लेटेस्ट टेक्नॉलजी और कंपनियों से सीधी जान-पहचान न होना है.

पिछले कुछ समय में दुनिया भर में आई मंदी और भारत में मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में ग्रोथ की कमी भी इसके पीछे का एक बड़ा कारण है.

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