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दिल्ली के नए कमिश्नर अमूल्य पटनायक में क्या खास है जो औरों में नहीं?

दिल्ली पुलिस कमिश्नर पद के लिए पटनायक के अलावा, दीपक मिश्रा और धर्मेंद्र कुमार का नाम लिया जा रहा था

Updated On: Feb 16, 2018 03:11 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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दिल्ली के नए कमिश्नर अमूल्य पटनायक में क्या खास है जो औरों में नहीं?

अमूल्य पटनायक दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं. पटनायक दिल्ली पुलिस में स्पेशल कमिश्नर जनरल एडमिनिस्ट्रेशन के पद पर तैनात थे.

1985 बैच के आईपीएस अधिकारी अमूल्य पटनायक यूटी कैडर के अधिकारी हैं. पटनायक मूलरूप से ओडिशा के रहने वाले हैं.

पटनायक आलोक वर्मा की जगह लेंगे, जिनको हाल ही में सीबीआई डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया है.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर पद के लिए पटनायक के अलावा दो और अधिकारियों दीपक मिश्रा और धर्मेंद्र कुमार का नाम लिया जा रहा था. लेकिन साफ-सुथरी छवि और सरकार की पसंद के कारण दोनों से जूनियर होने के बावजूद पटनायक को चुना गया.

संभाल चुके हैं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

अमूल्य पटनायक दिल्ली में जॉइंट सीपी क्राइम, पॉन्डिचेरी में एसएसपी लॉ एंड आर्डर, दिल्ली में एडिशनल डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट और डीसीपी साउथ रह चुके हैं. इसके अलावा पटनायक एसपीजी में डीआईजी और आईजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं.

Delhi Police

दिल्ली पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमूल्य पटनायक को राष्ट्रपति मेडल और पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है.

पटनायक ने कई हाई प्रोफाइल केस सुलझाए हैं. मुंबई ब्लास्ट केस में दो लाख के आरोपी बदमाश को अरेस्ट करने का श्रेय अमूल्य पटनायक को जाता है.

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इसके अलावा दिल्ली के सरिता विहार में स्कूली बच्ची की किडनैपिंग केस को उन्होंने 12 घंटों के भीतर सुलझाते हुए कुख्यात असगर गैंग के गैंगस्टरों मोहन उर्फ डॉन और महक सिंह को गिरफ्तार किया था. इस केस से जुड़े अपराधियों पर भी सरकार ने एक लाख रुपए का इनाम रख रखा था.

साल 2003 में जब भारत के तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने ट्रेन से उत्तराखंड का दौरा किया था, तो दौरे का पूरा सुरक्षा इंतजाम अमूल्य पटनायक ने ही किया था. पटनायक उस समय एसपीजी के आईजी पद पर कार्यरत थे.

जॉब प्रोफाइल में कमजोर

सूत्रों की मानें तो पटनायक का नाम पहले ही गृहमंत्रालय को भेजकर उनको बता दिया गया था. इसकी महज औपचारिक घोषणा बाकी रह गई थी.

दिल्ली पुलिस के एक आलाधिकारी के अनुसार अमूल्य अपने सीनियर दोनों अधिकारियों की तुलना में जॉब प्रोफाइल के लिहाज से काफी कमजोर थे. ऐसे में पटनायक का कमिश्नर बनना कम आश्चर्य की बात नहीं है.

अमूल्य पटनायक को दो सीनियर अधिकारियों को नजरअंदाज कर ये पद दिया गया है

अमूल्य पटनायक को दो सीनियर अधिकारियों को नजरअंदाज कर ये पद दिया गया है

दिल्ली पुलिस के महकमे में कई ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें दीपक मिश्रा के कमिश्नर नहीं बनने का मलाल है. वे अधिकारी ऑफ द रिकॉर्ड कहते हैं कि दीपक मिश्रा की बेदाग छवि और महत्वपूर्ण विभागों का अनुभव अगर दिल्ली पुलिस को मिलता तो आम पुलिसवालों का मनोबल ऊंचा हो जाता.

कुछ साल पहले तक दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार और बीएस बस्सी के बाद दिल्ली पुलिस में काम-काज के लिहाज से दीपक मिश्रा नंबर 2 हुआ करते थे.

रेस में अन्य अधिकारी

पूर्व पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी के रिटायमेंट के वक्त भी दीपक मिश्रा का नाम पुलिस कमिश्नर की रेस में चल रहा था लेकिन बाजी मार ली आलोक वर्मा ने. आलोक वर्मा के पुलिस कमिश्नर बनते ही दीपक मिश्रा का तबादला सीआरपीएफ में कर दिया गया. वे वर्तमान में वहां एडीजी हैं.

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वहीं धर्मेंद्र कुमार भी दीपक मिश्रा की तरह ही 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. धर्मेंद्र कुमार फिलहाल एडिशनल डीजी सीआईएसएफ के पद पर हैं.

धर्मेंद्र कुमार ने भी दीपक मिश्रा की तरह दिल्ली पुलिस के कई अहम विभागों में अहम पदों पर काम किया है.

धर्मेंद्र कुमार के लिये कहा जाता था कि बीएस बस्सी के कमिश्नर रहने के वक्त धर्मेंद्र कुमार की महकमे में काफी धाक थी. बस्सी के बाद जब आलोक वर्मा सीपी बने तब ये कहा गया कि धर्मेंद्र कुमार की ताकत में इजाफा होगा लेकिन हुआ इसका उलटा.

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