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NEET Results 2018: नतीजों का ऐलान 5 जून को, जानिए रिजल्ट के बाद का पूरा प्रोसेस

NEET रिजल्ट के ऐलान के तुरंत बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि एआईक्यू काउसलिंग का मामला भी 12 जून 2018 से शुरू होगा

Updated On: May 30, 2018 08:06 AM IST

Tanzim Zaha Hazarika

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NEET Results 2018: नतीजों का ऐलान 5 जून को, जानिए रिजल्ट के बाद का पूरा प्रोसेस

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से बहुप्रतीक्षित NEET के नतीजों का ऐलान 5 जून 2018 को किए जाने की संभावना है. सीबीएसई ने इस साल 6 मई 2018 को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का आयोजन किया था. यह टेस्ट देशभर के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए सिंगल विंडो एग्जाम है. हालांकि, इस टेस्ट में एम्स और जेआईपीएमईआर संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया का मामला शामिल नहीं है.

इस साल से आयुष (AYUSH) कोर्स में एडमिशन सिर्फ NEET के नतीजों के आधार पर ही होंगे. सीबीएसई की तरफ से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल एग्जाम के लिए 13.26 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था.

स्टैंडर्ड चलन को ध्यान में रखते हुए नतीजों के ऐलान से कुछ दिनों पहले 25 मई 2018 को सीबीएसई ने आधिकारिक तौर पर NEET 2018 आन्सर-की, ओएमआर रेस्पॉन्स शीट और NEET टेस्ट बुकलेट कोड जारी किया. आन्सर-की, ओएमआर शीट या टेस्ट बुकलेट में किसी भी तरह की गड़बड़ी को चुनौती देने के लिए उम्मीदवारों को 27 मई 2018 तक का मौका दिया गया था. NEET आन्सर-की, ओएमआर आन्सर शीट और टेस्ट पेपर बुकलेट का इस्तेमाल रिजल्ट तैयार करने में किया जाएगा.

NEET 2018 के रिजल्ट को किस तरह से डाउनलोड करें?

NEET रिजल्ट सीबीएसई NEET की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा. उम्मीदवारों को दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा और इसके बाद संबंधित कॉलम में NEET रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि भरना होगा. इसके बाद उम्मीदवारों का रिजल्ट स्क्रीन पर देखा जा सकेगा. उम्मीदवार अपना रिजल्ट देख सकते हैं और भविष्य में इसकी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं.

NEET रिजल्ट आपको क्या बताएगा?

NEET रिजल्ट यानी स्कोर कार्ड में इस परीक्षा में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के बारे में विस्तार से बताया जाएगा. NEET रिजल्ट देखने वाले उम्मीदवार अपने स्कोर कार्ड में निम्नलिखित सूचनाएं हासिल करने में सक्षम होंगे.

-NEET रोल नंबर

-NEET आवेदन संख्या -उम्मीदवारों के बारे में निजी जानकारी (माता-पिता का नाम, राष्ट्रीयता, .कैटेगरी/उप-कैटेगरी)

-हासिल कुल अंक -फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषयों में अलग-अलग स्तर पर हासिल अंक -पर्सेंटाइल स्कोर -NEET में क्वॉलिफाइंग स्टेटस -NEET ऑल इंडिया रैंक -15% AIQ सीटों के लिए NEET ऑल इंडिया रैंक -NEET 2018 के लिए कट-ऑफ स्कोर

Exam Results

सीबीएसई द्वारा NEET रिजल्ट के आधार पर अलग-अलग रैंक लेटर और ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट जारी किए जाते हैं.

एक निश्चित कट-ऑफ पर्सेंटाइल हासिल करने वाले उम्मीदवारों को ही ऑल इंडिया रैंक मुहैया कराई जाती है. इसके तहत सामान्य कैटेगरी के लिए 50 पर्सेंटाइल और अनुसूचित जाति/जनजाति/ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 40 पर्सेंटाइल का प्रावधान किया गया है.

NEET 2018 रिजल्ट के आधार पर अलग से ऑल इंडिया कोटा (एआईक्यू) लिस्ट भी तैयार की जाती है. इसमें एआईक्यू एडमिशन का विकल्प चुनने वाले सफल और योग्य उम्मीदवारों का नाम होता है. रैंक लेटर्स जारी करने का संभावित समय जून 2018 का पहला हफ्ता है. बहरहाल, अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में दाखिला NEET मेरिट लिस्ट और एडमिशन से जुड़े NEET कट-ऑफ के आधार पर मुहैया कराया जाता है.

NEET रिजल्ट के ऐलान के बाद क्या होता है?

NEET के लिए क्वॉलिफाई करने वाले उम्मीदवारों को ऑल इंडिया कोटा सीट से जुड़ी काउसलिंग और राज्य स्तर पर आयोजित काउसलिंग, दोनों में शामिल होने की इजाजत दी जाती है. ऑल इंडिया कोटा सीट के लिए काउसलिंग का काम मेडिकल काउसलिंग कमेटी (एमसीसी) की तरफ से किया जाता है, जबकि राज्य स्तर की काउसलिंग को अलग-अलग राज्य से जुड़ी काउसलिंग इकाइयां अंजाम देती हैं. NEET परीक्षा को पास नहीं करने वाले उम्मीदवार काउंसेलिंग या दाखिले की प्रक्रिया में शामिल होने के योग्य नहीं होंगे.

NEET की परीक्षा पास करने वाले सभी उम्मीदवार (जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को छोड़कर) ऑल इंडिया कोटा काउसलिंग के लिए खुद का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, बशर्ते उन्होंने NEET का एप्लिकेशन डालते वक्त सेल्फ-डेक्लेरेशन फॉर्म भरा हो. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और इसे मेडिकल काउंसिल कमेटी के बदले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) द्वारा अंजाम दिया जाएगा.

12 जून से काउसलिंग

NEET रिजल्ट के ऐलान के तुरंत बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि एआईक्यू काउसलिंग का मामला भी 12 जून 2018 से शुरू होगा. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज ही देशभर के डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मौजूद एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए दाखिले की प्रक्रिया को अंजाम देगा, इसके अलावा, डीजीएचएस आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे के लिए भी काउंसेलिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

राज्यों के कोटे वाली सीटों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अलग-अलग राज्यों की काउंसेलिंग के लिए खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा. संबंधित राज्यों द्वारा इस संबंध में घोषणा किए जाने के बाद उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी. तमाम राज्यों से जुड़ी सीटों में दाखिले के लिए NEET 2018 काउसलिंग की शुरुआत जून के दूसरे हफ्ते में आवेदन पत्र जारी करने के साथ होगी.

AYUSH कोर्स में दाखिले के लिए अलग प्रक्रिया

आयुष (AYUSH) कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया को अलग-अलग राज्यों के काउसलिंग विभाग द्वारा अंजाम दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले और ऑल इंडिया कोटा सीट का विकल्प नहीं चुनने वाले छात्र-छात्राएं अपने राज्य से संबंधित काउसलिंग में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

देश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों से जुड़ी सीटों में दाखिले के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और इन संस्थानों द्वारा NEET को मान्यता दिए जाने के कारण यह जरूरी है कि उम्मीदवार NEET से जुड़ी अलग-अलग काउसलिंग की प्रक्रिया पर बारीक नजर रखें. और उम्मीदवार अपने स्कोर के हिसाब से बेहतर से बेहतर मुमकिन विकल्प चुनने में सक्षम हों.

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