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विदेश में मेडिकल की पढ़ाई के लिए इस साल मिलेगी यह छूट

संशोधित स्क्रीनिंग परीक्षा नियमों के अनुसार अगले साल से छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए नीट पास करना होगा

Updated On: Oct 03, 2018 03:05 PM IST

FP Staff

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विदेश में मेडिकल की पढ़ाई के लिए इस साल मिलेगी यह छूट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के उस रेगुलेशन को बरकरार रखा है जिसमें यह अनिवार्य किया गया है कि जो छात्र विदेश में मेडिसिन पढ़ना चाहते हैं, उन्हें नीट की परीक्षा पास करनी पड़ेगी. हालांकि कोर्ट ने उन छात्रों को राहत दी है जो इस साल विदेश में पढ़ना चाहते हैं और नीट नहीं पास कर पाए हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जो लोग विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन नीट पास नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए कोर्ट ने एमसीआई को निर्देश दिया है कि वह इस साल के लिए ऐसे उम्मीदवारों को योग्यता प्रमाणपत्र प्रदान करे.

लेकिन संशोधित स्क्रीनिंग परीक्षा नियमों के अनुसार अगले साल से छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए नीट पास करना होगा. जस्टिस एस रविंद्र भट्ट और ए के चावला की बेंच ने कहा, 'कोर्ट का मानना है कि एमसीआई के संशोधित नियमों के मुताबिक यह अनिवार्य है कि विदेशों में पढ़ाई करने वाले लोगों को नीट में उपस्थित और पास होना पेशे की गुणवत्ता पर निर्भर करता है.'

'जो कोई भी मेडिकल पेशे का अभ्यास करना चाहते हैं और वह राज्य रजिस्टर में नामांकन की मांग करें. अब यह आवश्यक है कि भारत में किसी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने की इच्छा रखने वाले लोगों को नीट क्लीयर करना होगा. यह आवश्यकता न ही अनुचित है और न ही मनमानी है.'

लाइव लॉ के मुताबिक यह फैसला एक याचिका के बाद आया था जिसे एमसीआई ने दाखिल की थी. इस याचिका में फॉरन मेडिकल इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2002 के संसोधन को चुनौती दी गई थी.

जागरण जोश के मुताबिक याचिकाकर्ता ने कहा था कि नए बदलाव मनमाने हैं. एमसीआई काउंसिल के टी सिंहदेव ने कहा था कि नीट ऐसे उम्मीदवारों के एडमिशन में मदद करती है जिनमें क्षमताएं हैं. उन्होंने तर्क दिया कि कई उम्मीदवार जिन्होंने विदेशी कॉलेजों में एडमिशन लिया, वह देश में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट क्वालीफाई नहीं कर पाए.

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