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जम्मू कश्मीर पर नजरिया बदलने की जरूरत: जितेंद्र सिंह

सिंह ने कहा, 'भावी पीढ़ियों के लिए जम्मू कश्मीर के बारे में नजरिया बदलने की जरूरत है. हमें एजेंडा बदलना पड़ेगा'

Bhasha Updated On: Sep 27, 2017 05:38 PM IST

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जम्मू कश्मीर पर नजरिया बदलने की जरूरत: जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के बारे में 'नजरिया बदलने' की जरूरत है क्योंकि कश्मीर मुद्दे जैसी कोई बात ही नहीं है और चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को कैसे वापस हासिल किया जाए?

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर पुलिस के शहीदों और शहीद हुए सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फय्याज को चित्रमय श्रद्धांजलि देने के बाद यह बात कही.

कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट फय्याज के फेसबुक पेज, सेना के उनके प्रशिक्षण वाले दिनों के पत्रों के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के शहीद अधिकारी मोहम्मद अय्यूब पंडित, फिरोज अहमद डार और अन्यों की तस्वीरें लगाई गई थी.

सिंह ने कहा, 'भावी पीढ़ियों के लिए जम्मू कश्मीर के बारे में नजरिया बदलने की जरूरत है. हमें एजेंडा बदलना पड़ेगा. कश्मीर मुद्दा जैसा कोई मुद्दा नहीं है. यह उत्तर प्रदेश, बिहार या अन्य किसी भी राज्य की तरह भारत का ही हिस्सा है.'

70 सालों से पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है

उन्होंने कहा, 'अगर कोई मुद्दा है तो वह है कि कैसे कश्मीर के उस हिस्से को वापस हासिल किया जाए जो पिछले 70 सालों से पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है और घाटी को उसी रूप में बहाल किया जाए जैसा कि महाराजा हरि सिंह ने सौंपी थी.' उन्होंने घाटी में विकास लाने खासतौर से चरमपंथी ताकतों के सफाए में केंद्र सरकार के सक्रिय उपायों का जिक्र किया.

सिंह ने कहा, 'सीमा पर रहने वाले लोगों ने हमसे सीमा पार से हो रही गोलीबारी के खिलाफ कड़ा कदम उठाने के लिए कहा है. हमने अपनी सेनाओं को भरोसा और सीमा पर कार्रवाई करने की आजादी दी है.'

उन्होंने कहा, 'हम कई आतंकवादियों का खात्मा करने और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने में सक्षम है. घाटी में आतंकवाद के वित्तपोषण पर हमारी कार्रवाई राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की ओर एक अन्य कदम है.' 'कश्मीर पर सही तरीके से ना निपटने' का पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि मोदी सरकार लोगों के लिए उम्मीद की एकमात्र किरण है.

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