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PTM से नोएडा के सरकारी स्कूलों के छात्रों का बेहतर हुआ प्रदर्शन!

एनसीईआरटी के सर्वे में गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का प्रदर्शन प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले बेहतर पाया गया है

Updated On: Apr 28, 2018 05:45 PM IST

FP Staff

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PTM से नोएडा के सरकारी स्कूलों के छात्रों का बेहतर हुआ प्रदर्शन!

क्या पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का प्रदर्शन बेहतर होता है. साथ ही इससे शिक्षा के स्तर में भी सुधार आता है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि क्योंकि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) के किए एक सर्वे में उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का प्रदर्शन प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले बेहतर पाया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार एनसीईआरटी के सर्वे में पाया गया कि सरकारी स्कूलों और प्राइवेट स्कूलों के कक्षा 3 में पढ़ने वाले छात्रों का पर्यावरण विषय में औसत प्रदर्शन क्रमश: 65.59 प्रतिशत और 65.53 प्रतिशत रहा.

सर्वे में कहा गया कि सरकारी स्कूलों के कक्षा 5 के छात्र इसी विषय में प्राइवेट स्कूलों के पांचवी क्लास के छात्रों से 25 प्रतिशत के अंतर से आगे हैं. भाषा विषय में सरकारी स्कूलों के कक्षा 3, 5 और 8 के छात्रों का औसत प्रदर्शन क्रमश: 69.78, 68.21 और 57.84 प्रतिशत रहा. जबकि प्राइवेट स्कूलों के तीसरी, पांचवी और आठवीं क्लास के छात्रों का क्रमश: 63.14 प्रतिशत, 50.94 प्रतिशत और 54.17 प्रतिशत रहा.

सर्वे के अनुसार प्राइवेट स्कूलों के तीसरी क्लास के छात्रों ने गणित विषय में सरकारी स्कूल के बच्चों से बेहतर प्रदर्शन किया. हालांकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 5 के छात्रों ने इसी विषय में प्राइवेट स्कूलों के छात्रों की तुलना में काफी अच्छा प्रदर्शन किया. दोनों के बीच का यह अंतर 20 प्रतिशत रहा. विज्ञान विषय की बात करें तो सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों का प्रदर्शन प्राइवेट स्कूलों के क्लास 8 के बच्चों से 5 प्रतिशत बेहतर रहा.

NCERT

इसके अलावा सर्वे में यह बात भी निकल कर आई कि गौतम बुद्ध नगर जिले में छात्रों का प्रदर्शन छात्राओं की तुलना में बेहतर है. भाषा विषय में भी तीनों ही कक्षाओं में (3री, 5वीं, और 8वीं) लड़कों का प्रदर्शन लड़कियों की तुलना में मामूली अंतर से अच्छा रहा. सर्वे में यह भी पता चला कि तीसरी क्लास में पढ़ने वाले 74.76 प्रतिशत छात्रों को 'गुड टच' और 'बैड टच' का अंतर पता है.

गौतम बुद्ध नगर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने कहा, 'हम सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार लाने को प्रयारत हैं. इसमें पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) का अच्छा असर देखने को मिला है.'

बीजेपी MLA पंकज सिंह PTM को छात्रों के बेहतर प्रदर्शन का दे रहे हैं श्रेय

नोएडा से बीजेपी के विधायक पंकज सिंह भी पैरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) को सरकारी स्कूलों के छात्रों के बेहतर प्रदर्शन का श्रेय को दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो लंबे समय से जिला प्रशासन से मिलकर सरकारी स्कूलों में इस बारे में पहल के लिए प्रयास करते रहे हैं.

पंकज सिंह का मानना है कि जिस तरह प्राइवेट स्कूलों में समय-समय पर पैरेंट-टीचर मीटिंग का आयोजन करते हैं वैसा ही कदम सरकारी स्कूल अपने यहां लागू करें. इससे न सिर्फ छात्रों के अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर जागरूक होंगे बल्कि इससे इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर भी उठेगा.

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