S M L

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शिरडी ट्रस्ट से कर्ज लेने के मामले में सरकार को घेरा

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस साईंबाबा मंदिर और शिरडी कस्बे के विकास के लिए 3200 करोड़ रुपए की राशि को मुहैया कराने में ‘विफल’ रहे हैं

Updated On: Dec 08, 2018 09:20 PM IST

Bhasha

0
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शिरडी ट्रस्ट से कर्ज लेने के मामले में सरकार को घेरा

शिरडी साईंबाबा सनातन ट्रस्ट के नहरों को बनाने के लिए सरकार को ब्याज रहित 500 करोड़ रुपए का कर्ज देने के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (आरसीपी) ने राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी गठबंधन को मंदिर मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है.

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'मंदिरों से कर्ज लेना दर्शाता है कि राज्य सरकार का ‘राजकोषीय दीवाला’ निकल गया है.'

राकांपा नेता ने बताया, ‘सरकार का ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपए का ऋण लेना दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि सरकार का दावा है कि उसके पास समृद्धि गलियारे एवं बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धन है.’

हाल ही में ट्रस्ट और गोदावरी-मराठवाड़ा सिंचाई विकास निगम के मध्य 500 करोड़ रुपए बतौर बगैर सूद वाले कर्ज के लिए एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं.

ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री ने CBI और ED को 'बंधुआ मजदूर' बनाया: कांग्रेस

इस कर्ज से प्रवरा नदी पर निलवंडे बांध बनाया जाएगा और इससे नासिक में सिन्नर और अहमदनगर जिले में संगमनेर, अकोले, रहाता, राहुरी और कोपरगांव तहसील के 182 गांवों के लाभान्वित होने की उम्मीद है.

मुंडे ने दावा किया कि सरकार पहले ही ट्रस्ट के सात सौ करोड़ रुपए इस्तेमाल कर चुकी है. यह पैसा साईं भक्तों ने विभिन्न कामों के लिए दिया था.

उन्होंने कहा, ‘भक्तों के लिए विभिन्न सुविधाएं देने के लिए पैसों का इस्तेमाल करने की बजाए सरकार इनसे बांध संबंधी कामों को पूरा कर रही है. जबकि ट्रस्ट को आयकर चुकाने का नोटिस जारी हो चुका है.’

फाइल फोटो

फाइल फोटो

मुंडे ने दावा किया कि सिंचाई के काम के लिए राज्य सरकार के खजाने में 28 हजार करोड़ रुपए यूं ही पड़े हुए हैं.

पीएम मंदिरों के खजानों को लूट रहे हैं:

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मंदिरों के खजानों को ‘लूट’ रहे हैं.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस साईंबाबा मंदिर और शिरडी कस्बे के विकास के लिए 3200 करोड़ रुपए की राशि को मुहैया कराने में ‘विफल’ रहे हैं.

उन्हेांने कहा कि सरकार को मंदिर के मामले में हस्तक्षेप नहीं करके उसका कामकाज सुचारू रूप से चलने देना चाहिए.

मुंडे ने कहा प्रधानमंत्री ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने के बाद चमत्कार होने का वादा किया था लेकिन कुछ हुआ नहीं.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार साईंबाबा ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी कर रही है.

ये भी पढ़ें: भारत के संसाधनों पर सिर्फ यहां के नागरिकों का अधिकार: अमित शाह

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi