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अब साइबर क्राइम से निपटेगी 60 हजार लड़कियों की फौज

राष्‍ट्रीय महिला आयोग साइबर पीस फाउंडेशन के साथ मिलकर 60 हजार लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड करेगा

FP Staff Updated On: May 31, 2018 05:31 PM IST

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अब साइबर क्राइम से निपटेगी 60 हजार लड़कियों की फौज

सोशल मीडिया पर लड़कियों और महिलाओं को सॉफ्ट टार्गेट समझने वाले लोगों को सबक सिखाने की तैयारी की जा रही है. महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्‍ट, ट्रोल और धमकी जैसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ एक पूरी फौज खड़ी की जा रही है. इसके लिए जल्‍द ही राष्‍ट्रीय महिला आयोग साइबर पीस फाउंडेशन के साथ मिलकर 60 हजार लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड करेगा.

ये 60 हजार लड़कियां और महिलाएं पहले ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए सुरक्षित डिजिटल उपयोग और खासतौर पर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, वाट्सएप, इंस्‍टाग्राम, ट्विटर आद‍ि एप्‍लीकेशन का इस्‍तेमाल, सेफ मेलिंग की ट्रेनिंग लेंगी. इसके बाद ऑनलाइन अपराधों की शिकार हो रहीं अन्‍य महिलाओं को इससे बाहर निकलने और इंटरनेट के सुरक्षित इस्‍तेमाल करने में भी मदद करेंगी.

कहा-कहा चलाया जाएगा ट्रेनिंग प्रोग्राम

महिलाओं और लड़कियों को ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रहा राष्‍ट्रीय महिला आयोग 18 जून 2018 से अपने इस पायलट प्रोजेक्‍ट की शुरुआत करने जा रहा है. इन लड़कियों को साइबर पीस फाउंडेशन की टीम ट्रेंड करेगी.

फाउंडेशन के अध्‍यक्ष विनीत कुमार बताते हैं कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले चरण में हरियाणा, दिल्‍ली-एनसीआर, मणीपुर, सिक्‍किम, मेघालय, महाराष्‍ट्र और तमिलनाडु में चलाया जाएगा. इसकी शुरुआत चंडीगढ़ से होने जा रही है.

अलग-अलग क्षेत्रियों भाषाओं में दी जाएगी जानकारी

विनीत बताते हैं कि इस प्रशिक्षण का मकसद महिलाओं को सोशल मीडिया पर सुरक्षित रखने के साथ ही इंटरनेट और ई-मेल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी देना है. इस दौरान डिजिटल मीडिया के खतरों से भी महिलाओं को रूबरू कराया जाएगा. अगर कोई महिला अपने साथ हुए साइबर क्राइम की शिकायत करती है तो तत्‍काल उसकी रिपोर्ट सोशल मीडिया एजेंसी और राष्‍ट्रीय महिला अायोग को दी जाएगी. साथ ही महिलाओं को बताया जाएगा कि वे किस तरह ऐसे अपराधों की शिकायत कर सकती हैं.

सबसे खास बात होगी कि विभिन्‍न क्षेत्रों में 18 साल से ऊपर की सभी महिलाओं को उनकी क्षेत्रीय भाषा में यह जानकारी दी जाएगी. इसके लिए राज्‍य सरकार, राज्‍य महिला आयोग और विश्‍वविद्यालय महिलाओं तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं. कोशिश की जा रही है कि इन महिलाओं को प्रमाण पत्र भी दिया जाए, हालांकि अभी इसपर बातचीत चल रही है.

(प्रिया गौतम की न्यूज 18 के लिए रिपोर्ट )

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