S M L

नरोदा दंगा: कोर्ट में SIT ने कहा- कोडनानी के बचाव में अमित शाह का बयान अप्रासंगिक

स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर गौरंग व्यास ने कहा कि सितंबर 2017 में अमित शाह ने जो बयान दिया वह नरोदा घटना के 15 साल बाद दर्ज किया गया था जोकि अब प्रासंगिक नहीं है.

Updated On: Aug 02, 2018 02:55 PM IST

FP Staff

0
नरोदा दंगा: कोर्ट में SIT ने कहा- कोडनानी के बचाव में अमित शाह का बयान अप्रासंगिक

नरोदा गाम नरसंहार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम का गठन किया. इस टीम का गठन इसलिए किया गया है क्योंकि इस केस में आरोपी पूर्व मंत्री माया कोडनानी के बचाव में दिए गए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान को एसआईटी ने प्रासंगिक नहीं माना है.

स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर गौरंग व्यास ने कहा कि सितंबर 2017 में अमित शाह ने जो बयान दिया वह नरोदा घटना के 15 साल बाद दर्ज किया गया था जोकि अब प्रासंगिक नहीं है. यह केवल माया कोडनानी और विधायकों के समर्थन के लिए किया गया था.

व्यास ने तर्क दिया कि अमित शाह का सोला सिविल हॉस्पिटल में होना संदिग्ध है जबकि आरोपी बाबू बजरंगी और जयदीप पटेल ने शाह की मौजूदगी को रेखांकित किया था. सोला सिविल हॉस्पिटल वह जगह है जहां कारसेवकों के शव गोधरा से लाए गए थे. व्यास का कहना है कि किसी और आरोपी ने कोडनानी के हॉस्पिटल में होने का उल्लेख नहीं किया.

अपने बचाव में माया कोडनानी ने कहा था कि जब 28 फरवरी 2002 को गुजरात के नरोदा गाम में दंगे भड़के, तब वह और अमित शाह हॉस्पिटल में थे. जबकि शाह ने कहा था कि उन्होंने कोडनानी को सबसे पहले विधानसभा में सुबह 8.30 बजे देखा था. विधानसभा से वह सोला सिविल हॉस्पिटल के लिए निकल गए.

अपने बयान में शाह ने कहा कि इस घटना के विरुद्ध खूब नारे लग रहे थे. इस वजह से पुलिस की एक टीम ने मुझे और मायाबेन को सुरक्षा उपलब्ध करवायी. इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. बता दें कि नरोदा गाम मामला गुजरात में साल 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi