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'परीक्षा पर चर्चा': PM मोदी के भाषण की दस बड़ी बातें

पीएम ने कहा मेरे युवा दोस्तों, ये सोचकर परेशान मत होइए कि आपके दोस्त कितने घंटे पढ़ते हैं. सोचिए कि आप दिन में कितने घंटे पढ़ते हैं

Updated On: Feb 16, 2018 04:32 PM IST

FP Staff

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'परीक्षा पर चर्चा': PM मोदी के भाषण की दस बड़ी बातें

शुक्रवार को पीएम मोदी बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहे छात्रों के साथ थे. नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 'परीक्षा पर चर्चा' नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान कभी पीएम मोदी ने तो कभी बच्चों ने उनसे सवाल जवाब किए. कार्यक्रम के दौरान मोदी की कही दस बड़ी बातें...

बच्चों से 

1. आप देश के प्रधानमंत्री नहीं, अपने दोस्त से बात कर रहे हैं. मैं यहां एक स्टूडेंट के तौर पर आया हूं. देखना यह है कि आप मुझे 10 में से कितने मार्क्स देते हैं.

2. पीएम ने कहा, आत्मविश्वास न हो तो देवता भी कुछ नहीं कर सकते. आप खुद के परीक्षक हो, ऐसा सोचकर परीक्षा में बैठो.

3. मेरे युवा दोस्तों, ये सोचकर परेशान मत होइए कि आपके दोस्त कितने घंटे पढ़ते हैं. सोचिए कि आप दिन में कितने घंटे पढ़ते हैं.

अभिभावकों से 

4. मैं माता-पिता से रिक्वेस्ट करूंगा कि अपने बच्चों की उपलब्धियों को सामाजिक प्रतिष्ठा का विषय मत बनाइए. हर बच्चे में अलग खासियत होती है. अंक जिंदगी नहीं होती. क्या एक परीक्षा ही जिंदगी है? आप कलाम को देख लीजिए. वो फाइटर प्लेन के पायलट बनना चाहते थे. फेल हो गए. क्या वो फेल हो गए? नहीं आगे देश को एक महान वैज्ञानिक मिला.

शिक्षकों से 

5. बच्चे से जुड़ी हर समस्या माता-पिता टीचर से शेयर करते थे. टीचर बच्चे को पढ़ाने के अलावा माता-पिता से बातचीत कर उनकी और छात्रों की काउंसिलिंग करते थे. टीचर परिवार का इकोसिस्टम जानता था और उसके आधार पर छात्र को गाइड करता था. आज ऐसा नहीं है. मैं टीचर्स से निवेदन करूंगा कि टीचर अपने स्टूडेंट के पूरे इकोसिस्टम को समझने की कोशिश करें.

मेमोरी पावर 

6. बहुत लोग कहते हैं कि हमें याद नहीं रहता. किसी ने आपको बुरा बोल दिया, आप 6 साल के बाद भी वो बात याद रखते हैं. इसका मतलब आपकी मेमोरी पावर में कोई समस्या नहीं है. आपके जीवन में कोई ऐसा पल आया होगा, परिवार के दादा-दादी ने आपको प्यार दिया होगा. वो पल आप भूल नहीं पाए होंगे. जिन चीजों में आपका दिल जुड़ा जाता है, वो पल आपके लिए यादगार हो जाते हैं.

टाइम मैनेजमेंट 

7. परीक्षा के समय टाइम मैनेजमेंट कैसे करें? इस सवाल के जवाब में पीएम ने कहा कि दो डायरी बनाइए. एक डायरी में लिखें कि आप कल सुबह क्या-क्या करने वाले हैं और दूसरे में लिखें कि दिनभर क्या किया. दोनों डायरियों को अलग-अलग रखें. एक महीने बाद जब आप देखेंगे तो पाएंगे कि शुरुआत में 80 प्रतिशत चीजें वो हुईं जो आपके दिन की प्लानिंग का हिस्सा नहीं थीं. लेकिन समय के साथ आप पाएंगे कि इसमें बदलाव आया है और एक समय पर आपकी योजना और दिन में आपने क्या किया दोनों चीजें समान होंगी.

आत्मविश्वास 

8. अभी साउथ कोरिया में विंटर ओलिंपिक चल रहे हैं. इसमें कनाडा का एक खिलाड़ी खेल रहा है. वो स्नोबोर्ड में ब्रॉन्ज मेडल लाया. लेकिन अभ्यास के दौरान उसे गंभीर चोट लगी. वो अस्पताल में पड़ा था. लेकिन चार-पांच दिन पहले उसने मेडल जीता. उसने अपने फेसबुक पर दो फोटो अपलोड की. एक में अस्पताल की फोटो और दूसरी में मेडल जीतने की. उसकी तस्वीर का कैप्शन है 'धन्यवाद ज़िंदगी'. कहने का तात्पर्य ये है कि आत्मविश्वास हर पल प्रयासों से आता है. हमें खुद का निरीक्षण करना होगा.

परीक्षा को यूं लें 

9. जाते-जाते पीएम ने कहा, छात्रों को ये मानकर चलना चाहिए कि परीक्षा एक फेस्टिवल है और उन्हें फरवरी मार्च के महीने को टेंशन सीजन नहीं फेस्टिव सीजन मानकर चलना चाहिए और इसका आनंद लेना चाहिए.

10. चर्चा समाप्त होने के बाद पीएम ने छात्रों से कहा कि इस क्लास के लिए वे पीएम को 10 में से कितने मार्क देंगे यह उनपर निर्भर करता है. इस पर सभी छात्रों ने कहा कि वे उन्हें 10 में से 10 नंबर देंगे.

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