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यह मेरे मन की नहीं, देश के लोगों के मन की बात है: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को देश की जनता से 36वीं बार मन की बात कर रहे थे

Updated On: Sep 24, 2017 12:53 PM IST

FP Staff

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यह मेरे मन की नहीं, देश के लोगों के मन की बात है: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि मन की बात को तीन साल पूरे हो गए हैं. इन तीन सालों में उन्होंने अपने मन की नहीं बल्कि देश वासियों के मन की बात की. वे देश की जनता से 36वीं बार मन की बात कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में मन की बात को राजनीति से दूर रखा है. इस माध्यम से ही अनुभव हुआ कि कैसे एक छोटी सी बात आंदोलन बन जाती है.

उन्होंने कहा, 'मुझे देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पत्र और मेल लिखते हैं. ये बातें मुझे प्रेरणा देती हैं, बेहतर काम के लिए सुझाव देते हैं. तीन साल की यह यात्रा देशवासियों की अनुभूतियों की यात्रा है.

तीन सालों की उपलब्धियों पर बात करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में उन्होंने एक बार खादी को लेकर बात की थी. इसका असर यह हुआ कि लोगों में खादी को लेकर रुचि बढ़ी है. कई खादी उद्योग और प्रशिक्षण केंद्र बंद होने की कगार पर थे लेकिन अब वे वापस शुरू हो गए हैं. बड़े-बड़े कॉरपोरेट घराने तोहफे में खादी देते हैं.

लेफ्टिनेंट स्वाति और लेफ्टिनेंट निधि के रूप में मिली है विरांगनाएं 

उन्होंने कहा, 'मैं भी तो आपकी ही तरह इंसान हूं. पिछले दिनों देश को लेफ्टिनेंट स्वाति और लेफ्टिनेंट निधि के रूप में दो वीरांगनाएं मिलीं. मां भारती की सेवा करते-करते उनके पति शहीद हो गए थे. लेकिन शहीद संतोष महादिक की पत्नी स्वाति ने 11 महीनों तक कड़ी मेहनत करते हुए अपने पति के सपनों के लिए अपनी जिंदगी न्यौछावर कर दी.'

'इसी तरह लेफ्टिनेंट निधि दुबे के पति मुकेश दुबे सेना में नायक थे. निधि ने भी अपने पति के लिए सेना में शामिल होने का निर्णय किया. ये दोनों देश के लोगों में नई प्रेरणा और नई चेतना संचार करती हैं. हर देशवासी को मातृशक्ति पर आदर होना स्वाभाविक.'

स्वच्छता को स्वभाव बनाना है

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने तय किया था कि इस साल गांधी जयंती से 15 दिन पहले से हम स्वच्छता ही सेवा आंदोलन चलाएंगे. लोग स्वच्छता को लेकर जागरूक हुए हैं. सार्वजनिक जगहों पर गंदगी करने से बचते हैं. मीडिया और सितारों को धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वच्छता को अभियान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. स्वच्छता को स्वभाव बनाना जरूरी है.

दौड़ने  के लिए अच्छा मौसम

मन की बात में महापुरुषों का स्मरण किया. उन्होंने महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, दीन दयाल उपाध्याय और जय प्रकाश नारायण के योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि अगले मन की बात में वह सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी जिक्र करेंगे. इस दौरान अगले महीने लोगों को रन फॉर यूनिटी में शामिल होने के लिए कहा. ऐसे मौसम दौड़ने का मजा आता है. सरदार पटेल ने देश को एक किया, हमें भी एकता के लिए दौड़ते हुए एकता को बढ़ाना चाहिए.

खेल को उत्सव बनाएं

पीएम ने कहा कि ;नवरात्र और दिवाली के बीच भारत में अंडर 17 फीफा वर्ल्डकप होने जा रहा है. दुनिया हमारे यहां खेलने आ रही है. हमें भी खेल को उत्सव बनाना चाहिए. ऐसा कोई स्कूल न हो जिसके मैदान में बच्चे खेलते न दिखें.'

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