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आलोचक समय नहीं मिलने की वजह से परेशान: मोदी

मोदी बोले, विरोधियों को 72 घंटे भी मिल जाते तो वे वाह-वाह करते

Updated On: Nov 25, 2016 08:51 PM IST

IANS

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आलोचक समय नहीं मिलने की वजह से परेशान: मोदी

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी पर इसलिए सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि इसके आलोचक अचानक लिए गए फैसले की वजह से 'समय' नहीं पा सके. मोदी ने संसद भवन एनेक्सी में संविधान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'जो लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं, वे कह रहे हैं कि सरकार ने इस फैसले के क्रियान्वयन के लिए तैयारी नहीं की.'

उन्होंने कहा, 'लेकिन आलोचना का वास्तविक कारण यह नहीं है. वे दुखी हैं, क्योंकि सरकार ने इन्हें तैयारी करने का पर्याप्त समय नहीं दिया. यदि उन्हें तैयारी के लिए 72 घंटे भी मिल जाते तो वे इसकी वाह-वाह करते.' मोदी ने किसी भी राजनीतिक पार्टी का उल्लेख नहीं किया, लेकिन 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के उनके फैसले की सर्वाधिक आलोचना विपक्षी पार्टियां ही कर रही हैं.

संसद भवन में संविधान के बारे में दो किताबों के विमोचन के अवसर पर पीएम मोदी. (पीटीआई)

संसद भवन में संविधान के बारे में दो किताबों के विमोचन के अवसर पर पीएम मोदी. (पीटीआई)

प्रधानमंत्री ने कहा कि आठ नवंबर की नोटबंदी की घोषणा की 'थोड़ी बहुत ही आलोचना' हुई है. मोदी ने कहा कि आज पूरा देश भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ रहा है. आम आदमी इस युद्ध में सैनिक बन गया है. उन्होंने कहा, 'आम आदमी को लगता है कि पिछले 70 वर्षो में इसी संविधान व कानून का दुरुपयोग देश को भ्रष्टाचार की गर्त में ले जाने के लिए किया गया.'

उन्होंने कहा, 'भ्रष्टाचार के मामले में हमारा देश शीर्ष स्थान पर होता है. हम इसमें बदलाव लाना और देश को गौरवान्वित करना चाहते हैं.' प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह बहुत बड़ा देश है और एक बड़ा फैसला भी है. मुझे देश के लिए सुनहरे भविष्य की कामना करने वाले लोगों से उम्मीद है कि वे उन लोगों की मदद करेंगे जो मुसीबतों से जूझ रहे हैं, ताकि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में विजयी हों.'

मोदी ने सभी राजनीतिक दलों, गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) और मीडिया से नकदी रहित लेनदेन के बारे में लोगों को शिक्षित और प्रोत्साहित करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, 'हर किसी के पास पैसे के इस्तेमाल का अधिकार है लेकिन खर्च करने के लिए जरूरी नहीं है कि हाथ में नोट हो. हमारे देश में 100 करोड़ से अधिक मोबाइल हैं. हमारे पास इन फोन के जरिए लेनदेन की प्रौद्योगिकी है तो इस प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए लोगों को शिक्षित और प्रोत्साहित क्यों न किया जाए?'

उन्होंने कहा कि देश के सुनहरे भविष्य के लिए वित्तीय लेनदेन में अधिक पारदर्शिता की जररूत है. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी इस समारोह में मौजूद थीं. समारोह में प्रधानमंत्री ने संविधान पर दो पुस्तकों 'मेकिंग ऑफ द इंडियन कॉन्सटीट्यूशन' और 'इंडियन कॉन्सटीट्यूशन' का अद्यतन संस्करण जारी किया. इन पुस्तकों के विमोचन पर मोदी ने कहा कि संविधान को आज के संदर्भ में देखना अत्यंत महत्वपूर्ण है.

 

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