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स्मार्टफोन में 22 फीचर्स का एक्सेस क्यों मांगता है NaMo App?

नमो ऐप आपसे 22 फीचर्स में एक्सेस मांगता है. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि बाकी सरकारी ऐप इसके आधे फीचर्स का ही एक्सेस मांगते हैं

FP Staff Updated On: Mar 26, 2018 02:07 PM IST

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स्मार्टफोन में 22 फीचर्स का एक्सेस क्यों मांगता है NaMo App?

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल ऐप में डेटा सिक्योरिटी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बहस हो गई. लेकिन अब नमो ऐप में डेटा सिक्योरिटी को लेकर बड़ा विवाद शुरू होता दिख रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट ने इस बात पर रोशनी डाला है कि नमो ऐप को इंस्टॉल करने पर यूजर्स से 22 फीचर्स या डेटा प्वॉइंट में एक्सेस की मांग की जाती है.

जब भी आप अपने स्मार्टफोन में कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो ऐप की प्रवृत्ति के अनुसार, आपसे कैमरा, लोकेशन, गैलरी, माइक्रोफोन, ऑडियो, कॉन्टैक्ट्स जैसे फीचर्स में एक्सेस मांगा जाता है. कई ऐप और भी कई तरह के फीचर्स में एक्सेस मांगते हैं.

इसी तरह नमो ऐप आपसे 22 फीचर्स में एक्सेस मांगता है. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि बाकी सरकारी ऐप इसके आधे फीचर्स का ही एक्सेस मांगते हैं. जैसे-

- प्रधानमंत्री कार्यालय का ऐप पीएमओ इंडिया ऐप आपसे 14 डेटा प्वॉइंट्स में एक्सेस मांगता है.

- वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के MyGov ऐप में नौ डेटा प्वॉइंट्स का एक्सेस देना होता है.

- दिल्ली पुलिस का ऐप 25 डेटा प्वॉइंट्स का एक्सेस मांगता है लेकिन उसकी सर्विसें काफी ज्यादा हैं.

- इसी तरह अमेजन इंडिया का ऐप 17 एक्सेस और पेटीएम ऐप 26 डेटा प्वाइंट्स में एक्सेस मांगता है. लेकिन पेटीएम भी कई तरह की सर्विसें प्रोवाइड कराता है.

वहीं, नमो ऐप में यूजर्स बीजेपी सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों को जानने के अलावा पीएम के मन की बात का ऑडियो सुन सकते हैं.

इन सबके अलावा एक और खास बात ये है कि नमो ऐप और दूसरी राजनीतिक पार्टियों के ऐप की एक्सेस डिमांड में काफी फर्क है. कांग्रेस का ऐप 'With INC' जहां 10 डेटा प्वॉइंट्स में एक्सेस मांगता है, वहीं समाजवादी पार्टी के ऐप तीन डेटा प्वॉइंट्स में एक्सेस की मांग करता है.

आप नीचे दिए गए ग्राफ में देख सकते हैं कि नमो ऐप किन-किन फीचर्स के लिए परमिशन मांगता है-

(साभार- इंडियन एक्सप्रेस)

(साभार- इंडियन एक्सप्रेस)

एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, शनिवार को ट्विटर पर खुद को फ्रेंच सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताने वाले रॉबर्ट बैपटिस्ट ट्वीट कर कहा कि इस बात की संभावना है कि नमो ऐप यूजर्स की सहमति और जानकारी के बिना उनका डेटा थर्ड पार्टी को दे रही है.

इन दावों के बाद पीएम मोदी के वेबसाइट पर नमो ऐप के डिस्क्रिप्शन को अपडेट किया गया था. नए अपडेट में लिखा गया था कि- यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए कुछ यूजर इंफॉर्मेशन थर्ड पार्टी के साथ शेयर किया जाता है. इसमें यूजर्स का नाम, ईमेल, मोबाइल फोन नंबर, डिवाइस इन्फॉर्मेशन, लोकेशन और नेटवर्क कैरियर शामिल होता है. इसके पहले डिस्क्रिप्शन में लिखा गया था कि ऐप यूजर्स की किसी जानकारी को किसी थर्ड पार्टी से शेयर नहीं करता.

बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सफाई में बताया कि यूजर्स का डेटा एनालिटिक्स के लिए थर्ड पार्टी को शेयर किया जाता है, ये गूगल एनालिटिक्स जैसा है. उन्होंने कहा कि 'हालांकि थर्ड पार्टी किसी भी तरह से ये डेटा स्टोर या इस्तेमाल नहीं करती है. यूजर को ऐप का बेहतर एक्सपीरियंस देने, उसकी रुचियों के हिसाब से ऐप को डिजाइन करने और कंटेट या अपडेट देने के लिए उसके डेटा का इस्तेमाल किया जाता है.'

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