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नारदा स्टिंग मामला: तृणमूल सांसद ने हाई कोर्ट से एफआईआर निरस्त करने की आग्रह की

अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी है

Updated On: Apr 25, 2017 11:33 PM IST

Bhasha

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नारदा स्टिंग मामला: तृणमूल सांसद ने हाई कोर्ट से एफआईआर निरस्त करने की आग्रह की

तृणमूल कांग्रेस की सांसद अपरूपा पोद्दार ने मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की. इस याचिका में उन्होंने उनके खिलाफ नारदा स्टिंग मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर रद्द करने का आग्रह किया.

सांसद से नहीं पूछा गया उनका पक्ष

पोद्दार के वकील ने न्यायमूर्ति जोयमाल्यो बागची के सामने दावा किया कि जांच एजेंसी ने स्टिंग मामले में सांसद से उनका पक्ष नहीं पूछा. जिसमें उनसे मिलता जुलता व्यक्ति रिश्वत लेते दिखता है.

सांसद के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दावा किया कि सीबीआई ने वीडियो क्लिप पर पूरा भरोसा कर लिया.

साथ ही एफआईआर दर्ज करने से पहले शुरुआती जांच में सांसद से उनका पक्ष नहीं पूछा. अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी है.

क्या है दावा?

स्टिंग के बारे में दावा किया जाता है कि यह 2014 में किया गया था. इसमें तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलते-जुलते व्यक्ति एक काल्पनिक कंपनी के प्रतिनिधियों से लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेते दिखाई देते हैं.

हाई कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे कोई राहत देने से इंकार कर दिया था. साथ ही 17 मार्च को सीबीआई से कहा कि वह प्रारंभिक जांच एक महीने में पूरी करे और जरूरत हो तो एफआईआर भी दर्ज करे.

किन किन अधिकारियों को किया गया नामजद ?

सीबीआई ने नारदा स्टिंग मामले में सांसदों, मंत्रियों सहित तृणमूल कांग्रेस के 12 शीर्ष नेताओं और एक आईपीएस अधिकारी को नामजद किया है.

एफआईआर भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश से संबंधित धारा 120 बी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत दर्ज की गई है. इन अपराधों के लिए पांच से सात साल तक की सजा का प्रावधान है.

इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के जिन नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है उनमें राज्यसभा के सदस्य मुकुल राय और लोकसभा के सदस्य सौगत राय, अपरूपा पोद्दार, सुलतान अहमद, प्रसून बनर्जी और काकोली घोष दस्तीदार शामिल हैं.

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रियों में शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम, परिवहन मंत्री सुवेन्द्र अधिकारी, पर्यावरण मंत्री सोवन चटर्जी और पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी के नाम भी एफआईआर में हैं.

इसी तरह, पूर्व राज्य मंत्री मदन मित्र, विधायक इकबाल अहमद और आईपीएस अधिकारी सैयद मुस्तफा हुसैन मिर्जा का नाम भी एफआईआर में है.

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