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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस: 'जब होश आता तो शरीर पर नहीं होते थे कपड़े'

आंखों के सामने इतनी बड़ी घटना के बाद भी इन बच्चियों ने अपना हौसला नहीं खोया है. बच्चियों की मानें तो वो पढ़ लिखकर बॉक्सर या फिर पुलिस इंस्पेक्टर बनना चाहती हैं, ताकि अपने दुश्मनों से बदला ले सके

FP Staff Updated On: Jul 29, 2018 04:06 PM IST

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस: 'जब होश आता तो शरीर पर नहीं होते थे कपड़े'

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह में बच्चियों के साथ महीनों तक हुए रेप का भंडाफोड़ होने के बाद से रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. इस रेप कांड की सच्चाई सामने आने के बाद प्रशासन और सरकार भले ही मामले में अब कार्रवाई की दुहाई दे रहा हो, लेकिन पीड़ितों के जख्म अब भी हरे हैं.

पीड़ितों की मानें तो इस बालिका गृह में लगातार उनका यौन शोषण किया जाता रहा. उनमें से एक ने न्यूज़ 18 को बताया कि कैसे उसके और अन्य बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें की जाती थी. पीड़िता ने आरोप लगाया कि ब्रजेश ठाकुर बच्चियों के साथ न केवल मारपीट करता था, बल्कि उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां भी देता था.

शेल्टर में एक लड़की की हत्या भी हुई थी

हालांकि इतना कुछ झेलने के बाद भी इन बच्चियों का हौसला कम नहीं हुआ है.  उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के नाम पर हमें होटल ले जाया जाता था और किसी भी बहाने से नशे की दवा दे दी जाती थी. इसके बाद जब होश आता तो शरीर पर कपड़े नहीं होते थे.

बालिका गृह में हुए वाकए का जिक्र करते हुए पीड़िता ने बताया कि कुछ लड़कियां ब्रजेश की खास थीं जो शेल्टर हाउस में आने वाली लड़कियों पर दवाब बनाती थी और उनको धमकाती थी. उनके ही मुताबिक एक लड़की की शेल्टर होम में ही गला दबा कर हत्या कर दी गई और बोरी में कसने के बाद शव को फेंक दिया गया.

लड़की की हत्या के बाद प्रेस वाले कैंपस से साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई. हत्या के बाद सभी लड़कियों को कुछ बोलने पर जान से मारने की धमकी दी गई. पीड़िता ने बताया कि लड़की की हत्या करने के बाद उसके शव को मुजफ्फरपुर में ही फेंक दिया गया.

इतना कुछ होने के बावजूद बच्चियों का हौसला बरकरार

आंखों के सामने इतनी बड़ी घटना के बाद भी इन बच्चियों ने अपना हौसला नहीं खोया है. बच्चियों की मानें तो वो पढ़ लिखकर बॉक्सर या फिर पुलिस इंस्पेक्टर बनना चाहती हैं, ताकि अपने दुश्मनों से बदला ले सके.

इससे पहले शनिवार को मुजफ्फरपुर स्थित चिल्ड्रेन होम यौन उत्पीड़न मामले में एक अहम खुलासा हुआ था. मुजफ्फरपुर ज़ोन के आईजी ने न्यूज18 को बताया कि शेल्टर होम में रहने वाली 44 में से 34 बच्चियों के साथ ही यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है.

मालूम हो कि टीआईएसएस ने 7 महीनों तक 38 जिलों के 110 संस्थानों का सर्वेक्षण किया. इस सर्वेक्षण में बिहार के शेल्टर होम्स को लेकर खुलासे हुए थे. एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि शोषण की शिकार हुई सभी बच्चियां 18 साल से कम उम्र की हैं. इनमें भी ज्यादातर की उम्र 07 से 14 साल के बीच है.

इस रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुए यौन उत्पीड़न में बाल कल्याण समिति के सदस्य और संगठन के प्रमुख भी बच्चियों के शोषण में शामिल थे.

(न्यूज18 के लिए संजय कुमार की रिपोर्ट)

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