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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड: HC के आदेश के खिलाफ याचिका पर SC का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार और इस कांड की जांच कर रही सीबीआई से 18 सितंबर से पहले जवाब मांगा है

Updated On: Sep 11, 2018 03:42 PM IST

Bhasha

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड: HC के आदेश के खिलाफ याचिका पर SC का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम कांड की जांच की रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध लगाने के पटना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका पर बिहार सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया है. इस शेल्टर होम में रहने वाले दर्जनों नाबालिग लड़कियों के साथ कथित रूप से रेप और यौन शोषण का मामला सामने आया था.

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने राज्य सरकार और जांच ब्यूरो, जो इस कांड की जांच कर रहा है, से 18 सितंबर से पहले जवाब मांगा है. इस मामले में अब 18 सितंबर को आगे सुनवाई होगी.

पीठ को सूचित किया गया कि हाईकोर्ट ने 29 अगस्त को एक महिला वकील को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया है, और उससे कहा है कि वह शेल्टर होम जाए जहां कथित पीड़ितों को रखा गया है और उनके पुनर्वास के इरादे से उनका इंटरव्यू करे.

शीर्ष अदालत ने इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त करने के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. इस कांड की जांच की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने के आदेश को पटना स्थित एक पत्रकार ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

TISS के सोशल ऑडिट में सामने आया था मामला

लंबे समय से शेल्टर होम की महिलाओं से कथित रेप और यौन शोषण के कारण सुर्खियों में आए मुजफ्फरपुर के इस शेल्टर होम का संचालन एक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) करती है. मुंबई स्थित टाटा इंसटीट्यूट आफ सोशल साइसेंज (टीआईएसएस) द्वारा इस संस्था के सोशल आडिट के दौरान यह मामला मामले आया.

बिहार के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गयी टीआईएसएस की सोशल ऑडिट की रिपोर्ट में पहली बार लड़कियों के कथित यौन शोषण की बात सामने आयी. इस शेल्टर होम में 30 से अधिक लड़कियों का कथित रूप से रेप हुआ था.

इस संबंध में 31 मई को संस्था के मुखिया ब्रजेश ठाकुर सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है.

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