S M L

तीन तलाक पर कानून आने के खौफ में हड़बड़ी में तलाक दे रहे हैं मुसलमान

केंद्र सरकार के ट्रिपल तलाक पर कानून बनाने की कवायद को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में मुस्लिम युवक अपनी बीवी को जल्दीबाजी में तीन तलाक बोल रहे हैं

Updated On: Jan 24, 2018 11:15 AM IST

FP Staff

0
तीन तलाक पर कानून आने के खौफ में हड़बड़ी में तलाक दे रहे हैं मुसलमान
Loading...

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मुस्लिम पुरुष अपनी पत्नियों को तलाक देने में हड़बड़ी दिखा रहे हैं. वो केंद्र सरकार के ट्रिपल तलाक पर कानून बनाने की कवायद को देखते हुए ऐसा कर रहे हैं. संसद में तीन तलाक बिल पेश होने के बाद तलाक देने के मामलों में अचानक से तेजी आई है.

बरेली के बाकरगंज इलाके में एक शख्स ने बीते 18 जनवरी को अपनी पत्नी को सिर्फ इस वजह से तलाक दे दिया क्योंकि उसने अपनी बेटी को स्कूल में दाखिला दिलाने को कहा था. तलाक देने वाले शख्स ने गुस्से में चिल्लाकर कहा, 'मोदी और योगी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते. मैं तुम्हें तलाक देता हूं, तलाक देता हूं, तलाक देता हूं'. पीड़ित पत्नी ने कहा कि उसके पति बेटी के जन्म के बाद से ही नाखुश थे.

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 28 दिसंबर को मुस्लिम महिला विधेयक, 2019, जिसे तीन तलाक विधेयक के नाम से भी जाना जाता है, लोकसभा में पेश किया था. विपक्षी दलों की आपत्ति के बीच उसी दिन इसे पास करा लिया गया.

लखनऊ के वकील मोहम्मद रज्जन के अनुसार, विधेयक के कानून बनने पर तीन तलाक अवैध हो जाएगा और 3 साल की जेल की सजा भी हो सकती है. तीन तलाक विधेयक अब राज्यसभा में है. संभावना है कि इसे संसद के बजट सत्र में शामिल किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 22 अगस्त को दिए अपने फैसले में कहा था कि तीन तलाक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, जो कानून के सामने समानता का समर्थन करता है.

466817-talaq2

मुस्लिम व्यक्तियों को लगता है कि तलाक देने का यह सही समय है

यूपी मुस्लिम महिला अधिकार मंच की संयोजक शाहीन परवेज तीन तलाक प्रथा के खिलाफ है. वो कहती हैं कि हर वो मुस्लिम व्यक्ति जो अपनी पत्नी और परिवार से छुटकारा पाना चाहता है, उसे लगता है कि यह तलाक देने के लिए सही समय है.

शाहीन कहती हैं, 'सब मर्दों को पता चल गया है कि अगर अब तलाक-ए-बिद्दत हो गया तो जेल जाना पड़ सकता है. इसलिए सब तलाक की जल्दी में हैं. तभी तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यूपी में 70 से ज्यादा तीन तलाक के मामले सामने आए हैं.'

शाहीन आगे कहती हैं कि वह निजी तौर पर बरेली और आसपास के जिलों में कई महिलाओं को जानती हैं, जिन्हें उनके शौहर ने 'तलाक, तलाक, तलाक' बोलकर छोड़ दिया है. लेकिन वो इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हैं. वो कहती हैं कि इन महिलाओं के मां-बाप अपनी बेटी की शादीशुदा जिंदगी को बचाने के लिए समझौता करते हैं. वो उनके ससुरालवालों को अलग से दहेज के रूप में पैसे देते हैं साथ ही अन्य चीजें करते हैं.

(101 रिपोर्टर्स डॉट कॉम से साभार)

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi