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तीन तलाक को लेकर निकाहनामे में बदलाव करेगा मुस्लिम बोर्ड

निकाहनामा में निकाह के वक्त पति द्वारा भविष्य में कभी एक साथ तीन तलाक नहीं देने की लिखित शपथ का प्रावधान जोड़ा जा सकता है

Updated On: Feb 03, 2018 04:17 PM IST

Bhasha

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तीन तलाक को लेकर निकाहनामे में बदलाव करेगा मुस्लिम बोर्ड

तीन तलाक की परंपरा पर प्रभावी तरीके से रोक के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के ‘मॉडल निकाहनामा’ में कुछ बदलाव किया जा सकता है. निकाहनामा में निकाह के वक्त शौहर (पति) द्वारा भविष्य में कभी एक साथ तीन तलाक नहीं देने की लिखित शपथ का प्रावधान जोड़ा जा सकता है.

बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील-उर-रहमान सज्जाद नोमानी ने कहा कि बोर्ड की आगामी बैठक में संशोधित मॉडल निकाहनामे पर चर्चा की जाएगी. 9 फरवरी को एआईएमपीएलबी की अगली बैठक हैदराबाद में शुरू होने वाली है. इसमें उस प्रावधान को शामिल करने पर विचार-विमर्श होगा. उन्होंने कहा कि बोर्ड के सदस्यों ने सरकार को तीन तलाक के खिलाफ निकाहनामे में ही शपथ की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है.

नोमानी ने कहा कि निकाहनामे में इस तरह की व्यवस्था हो जाने से तीन तलाक की कुप्रथा पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी. उनका कहना है कि बोर्ड ने हमेशा तीन तलाक को गलत माना है. हालांकि कुछ परिस्थितियों में जरूरी होने की वजह से इसे अवैध करार नहीं दिया गया.

वूमेन और शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी की तारीफ

ऑल इंडिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमडब्लूपीएलबी) ने एआईएमपीएलबी के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ‘देर आयद, दुरुस्त आयद‘ करार दिया है. बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने कहा कि अगर एआईएमपीएलबी अपने निकाहनामे में तीन तलाक के खिलाफ इस प्रावधान को शामिल करता है तो यह कदम स्वागत योग्य होगा.

तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ाई लड़ चुकी शाइस्ता ने कहा कि वह पूर्व में अपने संगठन द्वारा तैयार निकाहनामे को एआईएमपीएलबी के सामने पेश कर चुकी हैं. वह निकाहनामा पूरी तरह से कुरान शरीफ की रोशनी पर आधारित था. उसमें अक्सर तलाक का मुख्य कारण बनने वाले ‘दहेज’ और ‘महर की रकम’ के मसलों को लेकर स्पष्ट बातें लिखी थीं. बोर्ड अगर उसे भी तवज्जो देता तो अच्छा होता.

तीन तलाक को पहले ही अपनी व्यवस्था से निकाल चुके ऑल इंडिया शिया पर्सनल बोर्ड ने भी एआईएमपीएलबी के इस इरादे की सराहना की है. बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना याकूब अब्बास का कहना है कि तीन तलाक को रोकने के लिए एआईएमपीएलबी निकाहनामे में प्रावधान का विचार स्वागत योग्य है.

व्हाट्सएप, ईमेल और खुतबे के जरिए तीन तलाक समझाएगा मुस्लिम बोर्ड

तीन तलाक पर केंद्र सरकार के कानून बनाए जाने के प्रयासों के बीच एआईएमपीएलबी एक अभियान चलाकर तीन तलाक के खिलाफ जागरूकता फैला रहा है. बोर्ड के प्रवक्ता नोमानी ने कहा कि जुमे की नमाज से पहले मस्जिदों में खुतबे (भाषण) के दौरान तीन तलाक, दहेज जैसी बातों के प्रति मुस्लिम कौम को जागरुक किया जाएगा.

जुमे की नमाज का खुतबा मुसलमानों में जनसंपर्क का एक अहम जरिया होता है. उन्होंने बताया कि एआईएमपीएलबी इस के लिए व्हाट्सएप और ई-मेल का भी उपयोग करेगा.

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