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तेलंगाना : विधानसभा से मुस्लिम और एसटी आरक्षण बढ़ाने संबंधित विधेयक पारित

भारतीय जनता पार्टी ने विधेयक का विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध किया

Updated On: Apr 16, 2017 07:43 PM IST

IANS

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तेलंगाना : विधानसभा से मुस्लिम और एसटी आरक्षण बढ़ाने संबंधित विधेयक पारित

तेलंगाना विधानसभा ने रविवार को सर्वसम्मति से पिछड़े मुस्लिमों और अनुसूचित जनजातियों के लिए क्रमश: 12 और 10 फीसदी आरक्षण बढ़ाने से संबंधित एक विधेयक पारित कर दिया.

इस दौरान बीजेपी के सभी पांचों विधायकों को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया था. भारतीय जनता पार्टी ने विधेयक का विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध किया.

बीजेपी को छोड़कर पूरे विपक्ष ने किया समर्थन

बीजेपी को छोड़कर पूरे विपक्ष ने पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण विधेयक, 2017 का समर्थन किया. इस विधेयक पर राज्य विधान परिषद में रविवार शाम चर्चा की जाएगी और इसे पारित किया जाएगा.

जैसे ही दिन भर के विशेष सत्र की शुरुआत हुई, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने पिछड़े वर्ग के मुस्लिमों और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए क्रमश: 12 और 10 प्रतिशत आरक्षण बढ़ाने से संबंधित विधेयक राज्य विधानसभा और विधान परिषद के विशेष संयुक्त सत्र में पेश किया.

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मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग (ई) श्रेणी के तहत मुसलमानों के बीच के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग का आरक्षण चार प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के लिए पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आरक्षण विधेयक पेश 2017 पेश किया.

एसटी आरक्षण 6 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी किया गया

विधेयक ने अनुसूचित जनजाति के लिए भी शिक्षा और नौकरी में आरक्षण को छह प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है.

विधेयक के राज्य विधान परिषद में रविवार देर शाम तक पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा और इसे संविधान की नौंवी अनुसूची को शामिल करने का अनुरोध भी किया जाएगा. तमिलनाडु के मामले में ऐसा ही किया गया था.

केंद्र के मना करने पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी तेलंगाना सरकार

के चंद्रशेखर राव और नरेंद्र मोदी

के चंद्रशेखर राव और नरेंद्र मोदी

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने कहा कि यदि केंद्र तेलंगाना के आग्रह को स्वीकार करने से इनकार करता है तो राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाएगी.

राव ने कहा कि तमिलनाडु दो दशकों से ज्यादा समय से 69 फीसदी आरक्षण को लागू कर रहा है. पांच से छह राज्य 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण दे रहे है. आप तेलंगाना के साथ इससे इनकार कैसे कर सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों में सभी आरक्षणों पर 50 फीसदी की सीमा तय की है.

धार्मिक नहीं सामाजिक-आर्थिक आधार पर दिया जा रहा है आरक्षण

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण केवल सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर प्रदान किए जा रहे हैं और यह धर्म या जाति के आधार पर नहीं दिया जा रहा है जैसा कि कुछ पार्टियां लोगों को गुमराह करने के लिए कह रही हैं.

इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए राव ने कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने चुनावों के दौरान पिछड़े वर्ग (ई) और अनुसूचित जनजाति के लिए राज्य में आबादी के आधार पर कोटा बढ़ाने का वादा किया था.

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उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति को फिलहाल छह प्रतिशत कोटा मिला हुआ है, जबकि उनकी आबादी 2011 के जनगणना के आधार पर 9.8 फीसदी है.

राव ने कहा कि राज्य में 16.3 प्रतिशत की आबादी वाले अनुसूचित जाति के लिए एक प्रतिशत आरक्षण बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया जाएगा.

अनुसूचित जाति को फिलहाल 15 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है जबकि पिछड़े वर्ग को कुल 25 फीसदी आरक्षण मिला हुआ है.

इस कानून से राज्य में कुल आरक्षण बढ़कर 62 प्रतिशत हो जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण देने पर कोई संवैधानिक रोक नहीं है.

केंद्र से भीख नहीं मांग रहे

muslim voter

राव ने कहा कि तेलंगाना की 90 प्रतिशत आबादी में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक शामिल हैं, ऐसे में निश्चित रूप से राज्य को 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण की जरूरत है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि तमिलनाडु और झारखंड पहले से ही 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण उपलब्ध करा रहे हैं.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने यह साफ किया कि वह केंद्र से भीख नहीं मांगेंगे, लेकिन नए कोटा पाने व 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र से लड़ेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना इस मुद्दे को संसद में नीति आयोग की बैठक में उठाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर एक चर्चा शुरू होगी और राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनेगी.

क्या मुस्लिम देश का हिस्सा नहीं?

मुख्यमंत्री ने राज्य में मुस्लिमों का कोटा बढ़ाए जाने का बचाव किया और बीजेपी द्वारा इसका विरोध किए जाने की निंदा की.

बीजेपी के सभी पांचों सदस्यों की अनुपस्थिति में चंद्रशेखर राव ने कहा, ‘हम उन्हें आरक्षण क्यों नहीं दे सकते? उन्हें आरक्षण देने से इसलिए इनकार किया जा रहा है क्योंकि वे मुस्लिम हैं? क्या वे इस देश का हिस्सा नहीं है.’

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इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को बाधित करने के लिए बीजेपी के सदस्यों को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया था.

राव ने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय की बड़ी जनसंख्या है यहां तक कि तथाकथित इस्लामिक देशों में भी इतनी बड़ी मुस्लिम जनसंख्या नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्लिम कोटा बढ़ाने का वादा टीआरएस के घोषणा पत्र का हिस्सा था. लोगों ने पार्टी के इस एजेंडा को अपना जनादेश देकर मंजूरी दी थी.

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