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कृष्णानंद राय हत्याकांड से चर्चित हुआ था मुन्ना बजरंगी, अपराध की दुनिया में ऐसे बनाई थी पहचान...

कहा जाता है कि मुख्तार अंसारी से इशारा मिल जाने के बाद मुन्ना बजरंगी ने बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय को खत्म करने की साजिश रची

FP Staff Updated On: Jul 09, 2018 11:42 AM IST

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कृष्णानंद राय हत्याकांड से चर्चित हुआ था मुन्ना बजरंगी, अपराध की दुनिया में ऐसे बनाई थी पहचान...

पूर्वांचल में आतंक और दहशत का दूसरा नाम प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कर दी गई. घटना सोमवार सुबह 6.30 बजे की है. सोमवार को उसे पूर्व बीएसपी विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेश होना था. मुन्ना बजरंगी को रविवार झांसी जेल से बागपत लाया गया था. उसे तन्हाई बैरक में कुख्यात सुनील राठी ओर विक्की सुंहेड़ा के साथ रखा गया था.

अपराध की दुनिया में ऐसी बनाई पहचान

सन 2000 के दशक में पूर्वांचल में सरकारी ठेकों और वसूली के कारोबार पर मुख्तार अंसारी का कब्जा माना जाता था. लेकिन इसी दौरान तेजी से उभरते बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय उनके लिए चुनौती बनने लगे. कहा जाता है कि  राय पर मुख्तार के दुश्मन बृजेश सिंह का हाथ था. सिंह के संरक्षण में कृष्णानंद राय का गैंग फल फूल रहा था. इसी वजह से दोनों गैंग अपनी ताकत बढ़ा रहे थे. धीरे-धीरे इनके संबंध अंडरवर्ल्ड के साथ भी जुड़े गए थे. पूर्वांचल में दिनोंदिन कृष्णानंद राय का बढ़ता प्रभाव मुख्तार को रास नहीं आ रहा था. नतीजा यह हुआ कि मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह की लड़ाई में कृष्णानंद राय को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी.

बीजेपी विधायक की गोलियों से भूनकर हत्या

कहा जाता है कि मुख्तार अंसारी से इशारा मिल जाने के बाद मुन्ना बजरंगी ने बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय को खत्म करने की साजिश रची. 29 नवंबर 2005 को माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के कहने पर ही मुन्ना बजरंगी ने कृष्णानंद राय को दिन दहाड़े मौत की नींद सुला दिया. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लखनऊ हाइवे पर कृष्णानंद राय की दो गाड़ियों पर AK-47 से 400 गोलियां बरसाई थी. इस हमले में गाजीपुर से विधायक कृष्णानंद राय के अलावा उनके साथ चल रहे 6 अन्य लोग भी मारे गए थे.

अंडरवर्ल्ड से रिश्ते

यूपी पुलिस और एसटीएफ लगातार मुन्ना बजरंगी को तलाश कर रही थी. उसका यूपी और बिहार में रह पाना मुश्किल हो गया था. दिल्ली भी उसके लिए सुरक्षित नहीं थी. इसलिए मुन्ना बजरंगी भागकर मुंबई चला गया. उसने एक लंबा अरसा वहीं गुजारा. इसी दौरान उसका कई बार विदेश जाना भी होता रहा. उसके अंडरवर्ल्ड के लोगों से रिश्ते भी मजबूत हो गए थे. मुन्ना बजरंगी को यूपी पुलिस ने मुंबई से ही गिरफ्तार किया था.

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