S M L

मोतीलाल नेहरू ने साल 1900 में जादूगरों के एक दल को पेरिस प्रदर्शनी में भेजा था: पुस्तक

पेरिस यूनिर्सल एक्जीबिशन पिछली सदी की उपलब्धियों पर खुशी मनाने और अगली सदी के विकास की गति को तेज करने के लिए 14 अप्रैल से 12 नवंबर, 1900 में फ्रांस की राजधानी में आयोजित एक विश्व मेला था

Updated On: Oct 14, 2018 05:53 PM IST

Bhasha

0
मोतीलाल नेहरू ने साल 1900 में जादूगरों के एक दल को पेरिस प्रदर्शनी में भेजा था: पुस्तक

मोतीलाल नेहरू एक तेज तर्रार बैरिस्टर के तौर पर जाने जाते थे. लेकिन इस बात से बहुत लोग अनजान होंगे कि वह एक आयोजक भी थे. और उन्होंने 1900 में जादूगरों और बाजीगरों का एक दल एक भव्य कार्यक्रम के लिए पेरिस भेजा.

आस्ट्रेलियाई लेखक जॉन जुब्रजिकी ने अपनी पुस्तक ‘जादूवाला, जगलर्स एंड जिन्न्स’ में एक पूरा चैप्टर ही नेहरू के व्यक्तित्व के इस आकर्षक पहलू को समर्पित किया है. उनका कहना है कि नेहरू की इस खासियत का पता लगना एक संयोग है.

दसवें चैप्टर ‘मोतीलाल का जादूई खजाना’ में लेखक ने एक अप्रैल, 1900 को बंबई में इमिग्रेशन ऑफिसर को उनके द्वारा लिखे गए पत्र को विस्तार से पेश किया है. उन्हें बंबई के एलिफिंस्टन कॉलेज के महाराष्ट्र राज्य लेखागार में यह दुर्लभ पत्र मिला था.

नेहरू द्वारा बंबई में प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रांट्स को लिखी थी चिट्ठी:

नेहरू द्वारा बंबई में प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रांट्स जे वाल्स को लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘मुझे अभी-अभी पता चला है कि बाजीगरों, जादूगरों, नटों और कलाकारों के एक भारतीय दल को आगामी पेरिस प्रदर्शनी में भेजने के लिए प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रांट्स से इजाजत लेनी जरूरी है.’

पत्र में कहा गया है,‘चूंकि मैं इस दल को भेजने वाला हूं, मैं आपकी सूचना के लिए जरूरी चीजें बताने का आग्रह करता हूं.’

एक्सपोजिशन यूनिवर्सली या पेरिस यूनिर्सल एक्जीबिशन पिछली सदी की उपलब्धियों पर खुशी मनाने और अगली सदी के विकास की गति को तेज करने के लिए 14 अप्रैल से 12 नवंबर, 1900 में फ्रांस की राजधानी में आयोजित एक विश्व मेला था.

जुब्रजिकी के अनुसार यह अबतक का सबसे महत्वाकांक्षी विश्व मेला था. फ्रांस की सीन नदी के दोनों तटों पर 108 एकड़ क्षेत्र में लगे इस मेले में पांच करोड़ लोग पहुंचे थे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi