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झारखंड: मदर टेरेसा की संस्था समेत कई अन्य अनाथालय बंद करेगी सरकार

'निर्मल हृदय' समेत 16 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (CCI) के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए हैं

Updated On: Jan 23, 2019 04:32 PM IST

FP Staff

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झारखंड: मदर टेरेसा की संस्था समेत कई अन्य अनाथालय बंद करेगी सरकार

झारखंड स्टेट कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (SCPCR) द्वारा राज्य में 31 शेल्टर होम्स के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर रिपोर्ट सबमिट की गई. जिसके बाद 'निर्मल हृदय' समेत 16 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (CCI) के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए हैं.

आपको बता दें कि पिछले साल जुलाई में बीमार, असहाय, गरीबों को सहारा देने के लिए दुनियाभर में जानी जानेवाली मदर टेरेसा की संस्था 'निर्मल हृदय' पर बच्चों को बेचने का आरोप लगा था. जिसके बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने SCPCR को 126 शेल्टर होम्स का दौरा करने के बाद स्टेटस रिपोर्ट सबमिट करने को कहा था. इंटीग्रेटेड चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम (ICPS) के डायरेक्टर डीके सक्सेना ने कहा है कि SCPCR के सुझावों के बाद 16 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस के लाइसेंस रद्द किए गए हैं. इनके खिलाफ जुवनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने आरोप हैं.

SCPCR के चेयरपर्सन आर्ति कुजूर ने कहा कि राज्य में 126 शेल्टर होम्स का दौरा करने के बाद 31 शेल्टर होम्स को बंद करने का सुझाव दिया गया, जब कि 24 अन्य को अपनी स्थिति सुधारने के लिए तीन महीने का वक्त दिया है. अगर वो तीन महीने में स्थिति नहीं सुधार पाते हैं, तो उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि झारखंड की राजधानी रांची स्थिति ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की ओर से संचालित संस्था ‘निर्मल हृदय’ की संचालिका, एक सिस्टर और एक कर्मचारी को बच्चा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद झारखंड में नवजात शिशुओं के बेचे जाने के मामले में एक नन के कबूलनामे का वीडियो भी सामने आया था. जिसमें नन ने कहा था कि मुझे नहीं पता कि अब वे (बच्चे) कहा हैं.

कैसे हुआ मामले का खुलासा

यह मामला तब खुला जब यूपी के सोनभद्र जिले के ओबरा निवासी सौरभ अग्रवाल और प्रीति अग्रवाल ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडबल्यूसी) के पास शिकायत लेकर पहुंचे कि उन्हें उनका बच्चा वापस नहीं दिया जा रहा है. इस बच्चे को उन्होंने पांच मई को 1.20 लाख में खरीदा था.

एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक गुमला की रहनेवाली एक रेप पीड़िता अविवाहित गर्भवती लड़की यहां रह रही थी. उसने बीते एक मई को रांची सदर अस्पताल में बच्चा को जन्म दिया. इस नवजात को कर्मचारी अनिमा इंदवार ने सिस्टर कोंसिलिया के मिलीभगत से अग्रवाल दंपती को बेच दिया. उस वक्त नवजात चार दिन का ही था. इधर 30 जून को सीडबल्यूसी के सदस्यों ने संस्था का दौरा किया था. इससे डरकर अनिमा ने उसी दिन अग्रवाल दंपति को फोन कर कहा कि बच्चे को अदालत में पेश करना है, उसे लेकर रांची आ जाइए.

इसके बाद बच्चे को दो जुलाई अनिमा को दे दिया. तीन जुलाई को बच्चे की जानकारी लेने वह संस्था पहुंचे, जहां उन्हें बच्चे से नहीं मिलने दिया गया. इसके बाद उसी दिन उन्होंने इसकी शिकायत सीडबल्यूसी से की. सूचना मिलते ही चेयरमैन रूपा कुमारी निर्मल हृदय पहुंची. पूरी छानबीन के बाद जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो अनिमा ने स्वीकारा कि उन तीनों ने मिलकर बच्चे को बेच दिया है.

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