विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

मॉनसून: इस सीजन में 5% कम बारिश, फसलों पर होगा असर

भारत में बारिश का मौसम सीजन के मुताबिक 1 जून से शुरू होता है और 30 सितंबर तक चलता है

FP Staff Updated On: Oct 02, 2017 10:51 PM IST

0
मॉनसून: इस सीजन में 5% कम बारिश, फसलों पर होगा असर

देश में मॉनसून का मौसम बीत गया. इस साल मॉनसून बारिश में देश के कई इलाकों में बाढ़ का प्रकोप दिखा तो कई इलाकों में मौसम सूखा रहा. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 5 पर्सेंट कम बारिश के साथ खत्म हो गया.

इस बार मॉनसून की बारिश औसत से कम हुई. मॉनसून सामान्य से कम रहा जबकि जून में मॉनसून बारिश सामान्य या औसत से अधिक होने की आशा जताई गई थी. किसी क्षेत्र में जरूरत के मुताबिक समय पर पानी न मिलने से फसलें बर्बाद भी हुईं, तो कहीं नदियों में भीषण बाढ़ ने भी फसलों को बर्बाद किया. इन हालात में कृषि उत्पादन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने की आशंका है.

इन क्षेत्रों में में सामान्य से कम हुई बारिश

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य से कम था. उनका कहना है कि देश के कुछ हिस्सों में कृषि क्षेत्र पर इसका असर पड़ सकता है.

एलपीए के 96-104 फीसदी तक बारिश को सामान्य बारिश माना जाता है, जबकि इस बार मॉनसून दीर्घावधि (एलपीए) के औसत का 95 फीसदी था, जो सामान्य से कम है.

पंजाब और हरियाणा में मॉनसून सीजन के दौरान 20 पर्सेंट कम बारिश हुई. इन दोनों राज्यों का देश की अनाज पैदावार में बड़ा योगदान रहता है.

पहले दो महीनों में ज्यादा बारिश हुई थी

मॉनसून के आगमन से पूर्व भारतीय मौसम विभाग ने भविष्यवाणी करते हुए मॉनसून को एलपीए का 96 फीसदी करार दिया था. हालांकि बाद में इसे संशोधित कर जून में 98 फीसदी कर दिया गया.

मौसम विभाग के अनुसार, 'मॉनसून के मौसम के पहले दो महीनों में जहां सामान्य से तीन फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी वहीं बाकी के दो महीनों में इसमें 12.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई. भारत में बारिश का मौसम सीजन के मुताबिक 1 जून से शुरू होता है और 30 सितंबर तक चलता है

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi