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सरकार का बड़ा फैसला: धान का समर्थन मूल्य 200 रुपए बढ़ा, कपास की MSP में डेढ़ गुना इजाफा

फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, सरकार की पूरी कोशिश किसानों को उचित कीमत दिलाने की है. धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपए का इजाफा हुआ है

Updated On: Jul 04, 2018 03:35 PM IST

FP Staff

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सरकार का बड़ा फैसला: धान का समर्थन मूल्य 200 रुपए बढ़ा, कपास की MSP में डेढ़ गुना इजाफा
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मोदी सरकार ने खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. आज कैबिनेट की बैठक के बाद खरीफ फसलों की एमएसपी को डेढ़ गुणा तक बढ़ाया गया है. धान का एमएसपी 200 रुपए क्विंटल बढ़ाया गया है. पिछले साल धान का एमएसपी 1550 रुपए प्रति क्विंटल था. इसमें अब 200 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है.

फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, सरकार की पूरी कोशिश किसानों को उचित कीमत दिलाने की है. पहले किसानों को सही कीमत नहीं मिलती थी. कपास का समर्थन मूल्य भी बढ़ा दिया गया है. केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करेगी.

कपास के एमएसपी में इजाफा हुआ है. मिडिल लेवल के कपास का समर्थन मूल्य 4,020 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,150 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है. जबकि अच्छी क्वालिटी के कपास का समर्थन मूल्य 4320 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,450 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है.

इसके साथ ही दालों के एमएसपी में भी बढ़ोतरी की गई है. उड़द के एमएसपी में 200 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है. उड़द का पहले समर्थन मूल्य 5400 था जो कि अब बढ़कर 5600 हो गया है. वहीं मूंग का एमएसपी 5575 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6975 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है. अरहर के समर्थन मूल्य में 225 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इजाफा हुआ है. पहले इसका समर्थन मूल्य 5450 रुपए प्रति क्विंटल था जो कि अब बढ़ाकर 5675 प्रति क्विंटल किया गया है.

रागी के एमएसपी में जबरदस्त इजाफा किया गया है. रागी का एमएसपी 1900 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2897 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है.

जानिए अब क्या है MSP?

-कपास (मीडियम स्टेपल) के MSP में 1130 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-कपास (लॉन्ग स्टेपल) के MSP में 1130 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-बाजरे के MSP में 525 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-मूंग के MSP में 1400 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-मक्के के MSP 275 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-मूंगफली के MSP में 440 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-सोयाबीन के MSP में 349 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-उड़द के MSP में 200 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-तुअर के MSP में 225 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-रागी के MSP में 997 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

-सूरजमुखी का MSP में 1288 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

मोदी सरकार ने अपने बजट में किए गए वादे को पूरा करने के लिए पिछले दिनों एमएसपी बढ़ाए जाने का ऐलान किया था. इसे किसानों में उपजे असंतोष को शांत करने के कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है. सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए नई व्यवस्था की घोषणा की है. इसके तहत किसानों को उत्पादन लागत पर 50 फीसदी प्रॉफिट मार्जिन मिलेगा. बताया जा रहा है नई एमएसपी नीति की वजह से केंद्र के खजाने पर 33,500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की थी कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मशविरा करके नीति आयोग एक बेहतर प्रणाली स्थापित करेगा. जिससे ये सुनिश्चित हो सके कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिले.

बताया जा रहा है कि नए एमएसपी का अतिरिक्त खर्च जीडीपी का 0.2 फीसदी है. नए एमएसपी पर होने वाले अतिरिक्त खर्च में धान की हिस्सेदारी 12,300 करोड़ रुपये होगी.

एमएसपी तय तय करने के लिए सबसे ज्यादा जोर मजदूरी पर है, जो कि लागत का 53 फीसदी होता है. इसके अलावा फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड्स, सिंचाई, और बीज के खर्च को भी जोड़ा जाएगा. सरकार एमएसपी में बढ़ोत्तरी के साथ साल 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के वादे पर काम कर रही है.

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