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AMU और JAMIA के 200 छात्रों को UPSC की कोचिंग कराएगी वक्फ परिषद

पिछले साल अल्पसंख्यक समुदायों के 100 से अधिक अभ्यर्थियों के सफल होने से उत्साहित केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नए वित्त वर्ष में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर विशेष जोर देने जा रहा है

Updated On: Mar 04, 2018 03:39 PM IST

Bhasha

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AMU और JAMIA के 200 छात्रों को UPSC की कोचिंग कराएगी वक्फ परिषद

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की संस्था केंद्रीय वक्फ परिषद इस साल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के 200 विद्यार्थियों को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग मुहैया कराएगी.

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में पिछले साल अल्पसंख्यक समुदायों के 100 से अधिक अभ्यर्थियों के सफल होने से उत्साहित केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नए वित्त वर्ष में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर विशेष जोर देने जा रहा है. केंद्रीय वक्फ परिषद ने वित्त वर्ष 2018-19 में तीनों विश्वविद्यालयों के 200 विद्यार्थियों को यूपीएससी परीक्षाओं के लिए कोचिंग की सुविधा मुहैया कराने के लिए 1.5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है.

केंद्रीय वक्फ परिषद के सचिव बी एम जमाल ने ‘भाषा’ को बताया, ‘वित्त वर्ष 2018-19 के लिए मंत्रालय ने वक्फ परिषद की शिक्षा योजना के लिए दो करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. हमने फैसला किया है कि इसमें से 1.5 करोड़ रुपए 200 छात्र-छात्राओं को यूपीएससी परीक्षा की कोचिंग पर खर्च किए जाएंगे.’

उन्होंने कहा, ‘एएमयू के 100 और जामिया एवं जामिया हमदर्द के 50-50 प्रतिभावान छात्रों को कोचिंग मुहैया कराई जाएगी.’

जमाल ने कहा, ‘यूपीएससी कोचिंग के लिए इन छात्रों का चयन संबंधित विश्वविद्यालय लिखित परीक्षा के जरिए करेंगे. वे अपने मानकों के आधार पर चयन करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘महिलाओं के सशक्तिकरण पर 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसमें मुख्य रूप से कौशल विकास पर ध्यान दिया जाएगा.’

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हाल ही में कहा था कि नए वित्त वर्ष में मंत्रालय यूपीएससी तथा दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं पर खास तवज्जो देगा.

उन्होंने कहा था, ‘पिछले साल हमने यूपीएससी की परीक्षा की कोचिंग के लिए मदद दी और इसका नतीजा यह हुआ कि अल्पसंख्यक समुदायों के 100 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ और इसमें 50 से ज्यादा मुस्लिम समाज के थे. इस परिणाम से हमारा हौसला बढ़ा है. हम अब इस तरफ भी विशेष ध्यान देने जा रहे हैं.’

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