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बलात्कार और पोक्सो से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 1,023 फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत

इन अदालतों का गठन ऐसे मामलों में बेहतर जांच और तेज अभियोजन के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है

Bhasha Updated On: Jul 29, 2018 08:18 PM IST

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बलात्कार और पोक्सो से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 1,023 फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत

विधि मंत्रालय ने अनुमान लगाया है कि बच्चों और महिलाओं से बलात्कार से संबंधित मामलों की सुनवाई की एक नई योजना के तहत पूरे भारत में 1,000 से ज्यादा फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की जरूरत है. इन अदालतों का गठन ऐसे मामलों में बेहतर जांच और तेज अभियोजन के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है.

विधि मंत्रालय में न्याय विभाग ने इन अदालतों के गठन में 767.25 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान लगाया है. विभाग ने गृह मंत्रालय को बताया है कि केंद्र को केंद्रीय वित्त पोषण के तहत 474 करोड़ रुपए देने होंगे.

विधि मंत्रालय के एक दस्तावेज में कहा गया है, ‘यह अनुमान लगाया गया है कि बलात्कार, पोक्सो कानून के तहत मामलों के निस्तारण के लिए कुल 1,023 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की जरूरत है. इस पर 767.25 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. जिसमें से 474 करोड़ रुपए केंद्र को केंद्रीय कोष के तौर पर देने होंगे.’ इस संबंध में विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है.

नई योजना हाल में लाए गए एक अध्यादेश का हिस्सा है. जो अदालतों को 12 वर्ष तक के बच्चों से बलात्कार के दोषी व्यक्तियों को मौत की सजा देने की इजाजत देता है.

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