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खनन माफिया से मिली डायरी में तमिलनाडु के मंत्रियों को पैसे देने का जिक्रः आईटी सोर्स

इस डायरी में किसी मंत्री का नाम सीधे-सीधे तौर पर दर्ज नहीं है लेकिन कथित तौर पर पन्नीरसेल्वम के निजी सचिव और उनके दामाद का जिक्र कई जगह है

FP Staff Updated On: Dec 09, 2017 05:42 PM IST

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खनन माफिया से मिली डायरी में तमिलनाडु के मंत्रियों को पैसे देने का जिक्रः आईटी सोर्स

तमिलनाडु के खनन माफिया शेखर रेड्डी के घर से जब्त एक डायरी से यह संकेत मिला है कि वो तमिलनाडु सरकार के कई मंत्रियों को पैसों का भुगतान करते थे. 2016 में इनकम टैक्स विभाग द्वारा किए गए रेड में ये डायरी हाथ लगी थी. डायरी से मिली जानकारियों से तमिलनाडु सरकार में शीर्ष स्तरों पर व्याप्त भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो रहा है. इसमें कई ऐसे संदर्भ हैं जिससे जाहिर होता है कि नेताओं को पैसों का भुगतान भी किया जाता है.

इस पांच पन्ने के दस्तावेज में किसी मंत्री का नाम सीधे-सीधे तौर पर दर्ज नहीं है लेकिन इसमें कई जगह 'ओपीएस रमेश' का जिक्र है. उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के निजी सचिव को ओपीएस के नाम से जाना जाता है, जोकि रमेश नाम का एक आदमी है.

पन्नीरसेल्वम के दामाद और निजी सचिव को कथित तौर पर पैसे देने का जिक्र

इस डायरी में ओपीएस रमेश को 3.7 लाख रुपए देने का कई जगह जिक्र है. इसके अलावा रमेश को 20 लाख रुपए गार्डेन के खर्चे के तौर पर देने का भी जिक्र है. इसमें एक वकील को 1 करोड़ रुपए देने की भी एंट्री है. संयोग से पन्नीरसेल्वम का दामाद काशी भी एक वकील हैं.

इस डायरी में ऐसी भी एंट्री है जिससे ये पता चलता है कि एआईडीएमके के शशिकला गुट को भी भुगतान किया गया है. मन्नारगुड़ी महादेवन को 10 लाख रुपए देने का जिक्र है जो कि शशिकला के भतीजे थे. जिनका हाल ही में देहांत हो गया. इस डायरी में सारी एंट्री जनवरी से दिसंबर 2016 के बीच की है.

शेखर रेड्डी ने आरोपों का किया खंडन

रेड्डी ने इन आरोपों को इनकार करते हुए सीएनएन न्यूज-18 को बताया कि मुझे डायरी लिखने की आदत नहीं है. न वो मेरी राइटिंग है और नही मेरा सिग्नेचर. ये डायरी आपको कहां से मिली है, मुझे नहीं पता है. ये डायरी मेरी नहीं है, बस मैं यहीं जानता हूं.

जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि क्या आपके इन मंत्रियों से संबंध थे, तो उन्होंने कहा कि हां मैं मंत्रियों को जानता हूं. जब मैं तिरुमाला तिरुपति देवस्थान में एक बोर्ड सदस्य था, तब हम साथ में दर्शन करने जाया करते थे. लेकिन इन लोगों से मेरा कोई व्यवसायिक लेनदेन नहीं है. मैं उन्हें पैसे क्यों दूंगा. मेरे व्यवसाय एकदम ढ़ांचागत है. मैं पन्नीरसेलव से दो बार मिला हूं, मैं काशी को नहीं जानता और ना ही कभी मुलाकात हुई है.

2016 में आईटी ने किया था रेड

वहीं, काशी ने इस बात को स्वीकरा किया कि वो शेखर रेड्डी से मिले थे. उन्होंने कहा कि मैं उनसे एक क्लाइंट के तौर पर मिला था. लेकिन मेरा उनसे कोई संबंध नहीं था. मुझे नहीं पता कि दस्तावेज क्या कहते हैं. मेरा उनसे कोई व्यापारिक लेनदेन नहीं था. मैं दस्तावेज को चेक करूंगा तब आपको बताऊंगा.

पन्नीरसेलव से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने टालते हुए कहा कि मुझे कुछ नहीं पता.

दिसंबर 2016 में आईटी ने शेखर रेड्डी के घर छापे मारे थे. इस दौरान पुराने नोट में लगभग 97 करोड़ रुपए मिले थे और 127 किलो सोना जब्त हुआ था. मार्च 2017 में सीबीआई ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रेड्डी को गिरफ्तार किया था लेकिन वो बाद में बेल पर रिहा हो गए.

साभारः न्यूज-18

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